AIRA NEWS NETWORK – वित्त वर्ष 2022 में बड़े उद्योगों के अलावा सभी उप-उद्योग क्षेत्रों में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान लगभग 4.5 लाख रोजगार के अवसर भी बढ़े है। यह भी देश में sub-industry sectors में तेजी से हो रहे बदलाव को बयां करता है। यानि सब इंडस्ट्री सेक्टर का भारत में विस्तार हो रहा है। आगामी दिनों में इसमें और अधिक बेहतरी की उम्मीद की जा रही है।
भारत की 1 ट्रिलियन डिजिटल अर्थव्यवस्था में 350-400 बिलियन का महत्वपूर्ण योगदान:
भारत की 1 ट्रिलियन डिजिटल अर्थव्यवस्था में 350-400 बिलियन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। बता दें इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने अगले कुछ वर्षों में भारत को 1 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखते हुए एक एजेंडा तैयार किया है। इसके जरिए भारत को दुनिया में सबसे बड़ा कनेक्टेड राष्ट्र बनाना, डिजिटल गवर्नेंस में स्पष्टता लाना, प्रौद्योगिकी और सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नियमों और कानूनों को सरल बनाना और भारत के उच्च तकनीकी कौशल के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने की योजना है।
2035 तक 125 संभावित उच्च प्रभावी समाधान क्षेत्र की कंपनियां शुरू करने की योजना:
इसके अलावा भारत में 2035 तक 125 संभावित उच्च प्रभावी समाधान क्षेत्र की कंपनियां शुरू करने की योजना तैयार की गई है जो टेक युग में आगे बढ़ने के लिए भारत को और तेज गति प्रदान करेंगी।
वित्त वर्ष 2026 तक आईटी क्षेत्र का राजस्व 350 बिलियन पहुंचने का अनुमान:
वित्त वर्ष 2026 तक आईटी क्षेत्र का राजस्व 350 बिलियन पहुंचने का अनुमान लगाया गया है, जिसमें 72% टेक फर्मों ने वित्त वर्ष 2023 में राजस्व में अनुमानित वृद्धि वित्त वर्ष 2022 के समान रहने का संकेत दिया है। इससे स्पष्ट होता है कि आगामी दिनों में भारतीय टेक में बड़ा विस्तार होने जा रहा है। इस दौरान भारतीय आईटी उद्योग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को और अधिक विश्वास दिलाया है और यह भी स्पष्ट किया है कि भारत में यह उद्योग अब 200 अरब डॉलर का मील का पत्थर पार कर चुका है।


















