करनाल: उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि कोविड-19 की दूसरी लहर में इसके संक्रमण से जिन बच्चों के सर से माता-पिता या दोनों का साया उठ गया है। ऐसे बच्चों की सूचना जिला बाल संरक्षक इकाई को देकर जिलावासी अपना मानवीय फर्ज निभाने का कार्य करें।
उन्होंने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि महामारी के इस दौर में जिला के सभी नागरिकों को अपना मानवीय फर्ज निभाते हुए ऐसे बच्चें जो 18 वर्ष से कम आयु के है व जिनके माता-पिता या दोनों का कोरोना के कारण देहांत हो चुका है। इसकी जानकारी जिला बाल संरक्षण इकाई को देने का कष्ट करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऐसे बच्चों की पढ़ाई व भरण पोषण के लिए काफी अहम निर्णय लिए गए है। इन बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 18 वर्ष की आयु तक 2500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
अन्य खर्चों के लिए 12 हजार रुपये वार्षिक रूप से प्रदान किए जाएंगे। बाल सेवा संस्थान में रहने वाले बच्चों के आवर्ती जमा खाता खोलकर इन खातों में 18 वर्ष की आयु तक 1500 रुपये प्रति माह जमा किए जाएंगे। महामारी से अनाथ हुई बच्चियों के खातों में 51000 रुपये जमा किए जाएंगे यह पैसा उन्हें विवाह के समय ब्याज सहित शगुन के रूप में दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित इन योजनाओं का लाभ सभी लाभार्थी को मिल सके इसलिए यह जरूरी है कि प्रशासन तक इनकी सही जानकारी पहुंचे। ऐसे बच्चों की सूचना देने के लिए जिलावासी अपने नजदीकी आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर, एएनएम, पार्षद, पंच व सरपंच से भी संपर्क कर सकते हैं।


















