करनाल – स्वास्थ्य विभाग करनाल की पी.एन.डी.टी. टीम ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई कर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में अवैध रूप से लिंग जांच करने वाले अल्ट्रासाउण्ड सेंटर पर रेड करके इस धंधे में लिप्त कथित लोगों को रंगे हाथ पकड़कर उन्हें पुलिस के हवाले किया। मौके पर एक जांच मशीन और दो कम्प्यूटर बरामद कर कब्जे में लिए गए। खास बात यह है कि वहां के स्वास्थ्य विभाग को इस केन्द्र के संचालन की भनक तक नहीं थी।
सिविल सर्जन कार्यालय के डिप्टी सीएमओ और पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. नरेश करड़वाल ने बुधवार को रेड का खुलासा कर बताया कि उन्हें सहारनपुर की शिवालिक विहार कॉलोनी में एक घर के अंदर अवैध अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र के संचालन की गुप्त सूचना मिली थी, जिसमें कहा गया था कि यहां गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग की जांच के लिए 10 से 20 हजार रूपये लिए जाते हैं।
पुख्ता सूचना के बाद सिविल सर्जन करनाल डॉ. योगेश शर्मा के आदेशानुसार एक टीम का गठन किया गया, जिसमें डॉ. नरेश करड़वाल, डॉ. संजीव चांदना व मनिंदर कौर, प्रोजेक्टनिष्ट सुलेख कुमार, लिपिक विक्रम सिंह तथा स्टैनो टाईपिस्ट राहुल को शामिल कर यू.पी. के सहारनपुर की ओर रूख किया गया और वहां शिवालिक विहार कॉलोनी के एक घर में रेड की गई।

डॉ. नरेश ने आगे बताया कि रेड से पहले इसकी पूरी तैयारी की गई थी, इसके तहत एक नकली गर्भवती महिला को दलाल के जरिए वहां भेजकर अल्ट्रासाउण्ड से उसकी जांच करवाई गई थी। गर्भवती महिला को उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग लड़का बताया गया। इस काम के लिए 20 हजार रूपये में सौदा तय किया गया था। टीम की ओर से दलाल जमीला के पास 500-500 रूपये के पांच नोट यानि अढ़ाई हजार रूपये पाए गए थे, जो मौके पर ही प्राप्त कर लिए और लिस्ट द्वारा नोटो का मिलान सही पाया गया, यह वही नोट थे, जो नकली गर्भवती महिला को दिए गए थे।
उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में सहारनपुर जिला की टीम का भी सहयोग लिया गया और दोनो ने मिलकर गर्भवती महिला का पीछा किया तथा रेड कर दलाल जमीला, अल्ट्रासाउण्ड करने वाले व्यक्ति प्रदीप तथा जसबीर व उसकी पत्नी रीना (जिनके घर में अल्ट्रासाउण्ड किया गया) को रंगे हाथो पकड़कर पोर्टेबल अल्ट्रासाउण्ड टीम को अपने कब्जे में ले लिया। पकड़े गए सभी व्यक्तियों को थाना सदर बाजार पुलिस जिला सहारनुपर को सौंप दिया गया। रेड से सम्बंधित सभी मूल दस्तावेज व ब्यान इत्यादि जिला सहारनपुर की पीएनडीटी टीम को सौंप दिए, ताकि उक्त चारों आरोपियों के विरूद्ध उक्त एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकीदर्ज करवाई जा सके।
डॉ. नरेश करड़वाल ने यह भी बताया कि सारी कार्रवाई मुकम्म्ल कर लेने के बाद टीम आज यानि बुधवार को प्रात: 5 बजे सकुशल करनाल लौटी। उन्होंने सफल रेड के लिए अपनी व सहारनपुर की पीएनडीटी टीम के सहयोग और मुस्तैदी की भी सराहना की और कहा कि गर्भ में लिंग जांच करने वाले कथित देश और समाज विरोधी लोगों के खिलाफ करनाल की पीएनडीटी टीम इस तरह की कार्रवाई करती रहेगी।
दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग करनाल की टीम द्वारा सहारनपुर में सफल रेड कर गर्भ में लिंग जांच करने वाले कथित लोगों को पकडऩे में सफलता हासिल करने के लिए उपायुक्त डॉ. निशांत कुमार यादव ने टीम का धन्यवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढाओ को करनाल जिला में सक्सैसफुल बनाए रखने के लिए कथित समाज विरोधी लोगो के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।


















