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मेरा पानी – मेरी विरासत स्कीम के अंतर्गत पंजीकरण हेतु जागरूकता कैम्प का आयोजन

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करनाल – जिला बागवानी अधिकारी डा. मदन लाल ने बताया कि गत सोमवार को गांव पधाना के सचिवालय में मेरा पानी – मेरी विरासत स्कीम के अर्तगत पंजीकरण हेतु जागरूकता कैम्प का आयोजन किया। पधाना गांव के अधिकतर किसान सब्जी की काश्त करते है। यहां किसान टमाटर व करेले की खेती बैम्बू स्टैकिं ग के साथ करके उपज व अच्छा मुनाफा कमा रहे है।

उन्होंने बताया कि ज्यादातर किसान एफपीओ के सदस्य है तथा पधाना गांव में ही एफपीओ द्वारा फसल समूह विकास योजाना (ष्टष्टष्ठक्क) के तहत पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट का 2.5 करोड का प्रौजेक्ट लगाया जा रहा है, जिसके लिए सरकार की तरफ से 90 प्रतिशत तक अनुदान की सहायता दी जाएगी।

डा. मदन लाल ने बताया कि एफपीओ को प्रोजैक्ट के निर्माण के लिए अनुदान की पहली कि श्त लगभग 54 लाख रुपये की अदायगी भी की जा चुकी है। सरकार द्वारा पधाना कलस्टर के सभी गांव जैसे संडीर, गांगर, तखाना, पधाना इत्यादि के किसानों को सब्जी व बैम्बू स्टैकि ंग पर पिछले वर्षों से लगातर अनुदान की सहायता दी जा रही है। इस कलस्टर में सरकार द्वारा ई-पेस्ट सर्वेलांस की स्कीम भी चलाई हुई है। कलस्टर के लगभग सभी किसानों के मोबाईल नम्बर को पंजीकृत किया गया है।

Organized awareness camp for registration under Mera Pani - Meri Virasat scheme
जागरूकता कैम्प का आयोजन

उन्होंने बताया कि हर रोज विभागीय कर्मचारी -अधिकारी किसानों की फसल का अवलोकन करते है तथा फसल की फोटो लेकर राष्टï्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान केन्द्र दिल्ली के वैज्ञानिकों को भेजते है, फोटो में प्रतीत फसल की बीमारी या कीट अनुसार वैज्ञानिक किसान के मोबाइल पर नियंत्रण हेतु एडवाईजरी भेजते है।


उन्होंने बताया कि सब्जियों में रसायनों का छिड़काव कम करने के लिए इसी केन्द्र के वैज्ञानिकों ने कलस्टर के किसानों की करेले की फसल में फैरोमैन टे्रप लगाए जिसके कारण फसल में फल मक्खी पर काफी हद तक नियत्रंण पाया गया तथा किसानों को अपेक्षाकृत कम दवाई छिड़कनी पड़ी। जागरूकता अभियान जारी रखते हुऐ मंगलवार को गांव गोन्दर खण्ड निसिंग व कुरलन खण्ड मुनक में भी किसानों का मेरा पानी – मेरा विरासत स्कीम के तहत पंजीकरण किया गया।

कैम्प में उपस्थित किसानों को सभी अन्य स्कीमों को भी जानकारी दी गई। सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के परिवारों के लिए भी एससीएसपी स्कीम चलाई हुई है, जिसमें यदि अनुसूचित परिवार पर स्वंय की जमीन है तो नेट हाउस या पोलीहाऊस लगाने पर तथा उसमें लगने वाली फसल पर 90 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि मशरूम की 100 ट्रै के लिए 27000 रुपये, बैम्बू स्टेकिंग पर 56250 रुपये प्रति एकड तथा आईआईएचआर टाईप रिटेल वैन पर 7 लाख 20 हजार रुपये 90 प्रतिशत के तौर पर अनुदान का प्रावधान है। स्कीम का लाभ पहले आओ पहले पाओ के आधार पर है। इच्छुक किसान आवेदक विभागीय साईट hortharyanaschemes.in पर ऑनलाईन आवेदन कर सकते है।

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