12 एकड़ जमीन पर संग्राम, प्रियंका गांधी की जेठानी सायरा वाड्रा का कब्जे का आरोप, विधायक बेहड़ धरने पर बैठे

किच्छा / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा कोतवाली क्षेत्र स्थित पिपलिया गांव में नेशनल हाईवे किनारे करोड़ों की कीमत वाली खान फार्म की करीब 4 हेक्टेयर (12 एकड़) भूमि को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया। स्वामित्व और कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। हालात बिगड़ते देख प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।*प्रियंका गांधी की जेठानी का आरोप: कोर्ट स्टे के बावजूद कब्जे की कोशिश* विवाद ने उस समय राजनीतिक रंग ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं सांसद प्रियंका गांधी की जेठानी बताई जा रहीं सायरा वाड्रा खुद मौके पर पहुंचीं। सायरा वाड्रा का आरोप है कि यह पुश्तैनी संपत्ति उनकी बुआ स्वर्गीय कुलसुम खान की थी, जिन्होंने वसीयत के जरिए यह जमीन उनके नाम की थी। सायरा ने कहा, “मैंने वर्षों तक बुआ कुलसुम खान की सेवा की। उनकी इच्छा के अनुसार ही वसीयत बनी। इस संपत्ति पर माननीय न्यायालय का स्थगन आदेश भी प्रभावी है। इसके बावजूद दूसरे पक्ष ने जबरन कब्जा करने की कोशिश की। यह सरासर कोर्ट के आदेश की अवमानना और कानून का उल्लंघन है।”*दूसरा पक्ष बोला: रक्त संबंध से हमारा हक* वहीं दूसरे पक्ष की नसरीन सांगा ने दावेदारी ठोकते हुए कहा कि उनका कुलसुम खान से रक्त संबंध है। इसी आधार पर संपत्ति पर उनका वैधानिक अधिकार बनता है। दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेज सही बता रहे हैं।*विधायक तिलक राज बेहड़ धरने पर बैठे, पुलिस से धक्का-मुक्की* मामले की जानकारी मिलते ही किच्छा विधायक एवं पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन की मौजूदगी में बाहरी लोगों से कब्जा कराया गया। बेहड़ ने मांग की, “कथित कब्जाधारियों को तत्काल फार्म हाउस से हटाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर रहा है।”स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब विधायक समर्थकों के साथ फार्म हाउस में घुसने लगे। मुख्य द्वार पर पुलिस ने रोका तो धक्का-मुक्की हो गई। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।*तीन थानों की फोर्स तैनात, देर रात तक चली वार्ता* कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम गौरव पांडे, कोतवाल भूपेंद्र सिंह धौनी के साथ किच्छा, पुलभट्टा और सितारगंज थाने की पुलिस मौके पर डटी रही। देर रात तक प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता चलती रही, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।*प्रशासन बोला: मामला कोर्ट में, आदेश से होगी कार्रवाई* प्रशासन का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेश और तथ्यों के आधार पर ही होगी। फिलहाल दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।*विवाद पहुंचा दिल्ली तक, भाजपा ने प्रियंका गांधी को घेरा* इस जमीन विवाद ने अब राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल मचा दी है। दिल्ली में भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे को उठाकर सांसद प्रियंका गांधी से सवाल किए गए। इसके बाद स्थानीय जमीन विवाद अब राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया हैं


















