उत्तराखंड

नैनीताल में निजी स्कूलों की मनमानी पर DM का शिकंजा,3 साल में 10% से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेंगे

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नैनीताल / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,निजी विद्यालयों द्वारा विभिन्न मदों में अनाधिकृत शुल्क वसूले जाने तथा अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाले जाने की लगातार मिल रही शिकायतों पर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के उपरान्त मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जायसवाल द्वारा सभी निजी विद्यालयों के लिए शुल्क निर्धारण एवं वसूली सम्बन्धी विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के हजारों अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। *3 साल में सिर्फ 10% फीस बढ़ोतरी की छूट* जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार द्वारा बोर्ड से सम्बद्धता हेतु N.O.C. की शर्तों के अनुसार निजी विद्यालय तीन वर्षों की अवधि में कुल अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही शुल्क वृद्धि कर सकेंगे। *PTA की स्वीकृति जरूरी, मनमानी पर होगी कार्रवाई* आदेश में यह भी साफ किया गया है कि फीस बढ़ोतरी के लिए अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) की स्वीकृति अनिवार्य होगी। PTA की मंजूरी के बिना की गई मनमानी शुल्क वृद्धि को नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। *किन शुल्कों पर लगेगी रोक* शिकायतों में सामने आया था कि कई निजी स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा बिल्डिंग फंड, एनुअल चार्ज, डेवलपमेंट फीस, कंप्यूटर फीस, स्मार्ट क्लास चार्ज जैसे विभिन्न मदों में अनाधिकृत रूप से शुल्क वसूल रहे थे। नए निर्देशों के बाद इन मदों में मनमानी वसूली पर रोक लगेगी। *अभिभावकों को मिली राहत* लगातार बढ़ रही फीस और अतिरिक्त शुल्कों से परेशान अभिभावकों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। शिक्षा विभाग ने कहा है कि यदि कोई स्कूल इन निर्देशों का उल्लंघन करता है तो अभिभावक सीधे मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

RIZWAN AHSAN

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