“सूचना मांगने पर विभागीय पेंच-शिक्षा विभाग ने आवेदन दूसरे कार्यालय को किया ट्रांसफर”-“RTI आवेदन घुमाया गया विभागों के बीच !!
RTI आवेदन पर विभागीय उलझन, आवेदक को फिर से भटकने को मजबूर
मुरादाबाद/बिजनोर : सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत दी गई एक अपील में विभागीय प्रक्रिया की सुस्ती और उलझन सामने आई है। धामपुर (जिला बिजनौर) निवासी श्रीमती विजय कुमारी उर्फ विजय बाई जैन द्वारा मांगी गई जानकारी के मामले में संबंधित विभाग ने स्पष्ट जवाब देने के बजाय प्रकरण को दूसरे कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदक ने संजय जैन जूनियर हाईस्कूल, शेरकोट से संबंधित सूचना 5 जनवरी 2026 को मांगी थी। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर 12 फरवरी 2026 को प्रथम अपील दायर की गई।

इसके बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक, द्वादश मंडल, मुरादाबाद कार्यालय द्वारा 20 अप्रैल 2026 को जारी पत्र में बताया गया कि मामला बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित है, इसलिए इसे मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), मुरादाबाद को स्थानांतरित कर दिया गया है।
इस पूरे प्रकरण ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण आम नागरिकों को बार-बार भटकना पड़ रहा है?
RTI जैसे सशक्त कानून के बावजूद समय पर सूचना क्यों नहीं मिल पा रही?
पत्र में आवेदक को निर्देश दिया गया है कि वह अब संबंधित बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी से संपर्क कर अपनी जानकारी प्राप्त करें। इससे स्पष्ट है कि सूचना पाने के लिए आवेदक को एक बार फिर नई प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
सूचना का अधिकार अधिनियम का उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है, लेकिन इस तरह के मामलों में विभागीय टालमटोल और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति कानून की मंशा पर सवाल खड़े करती है।
(आईरा न्यूज़ नेटवर्क के लिए विशेष रिपोर्ट


















