वाराणसी/उत्तरप्रदेश

नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क जंगल,झील और वन्यजीवों का अद्भुत संगम बना आकर्षण का केंद्र

WhatsApp Image 2026-04-18 at 09.08.39
previous arrow
next arrow

ओडिशा की समृद्ध फ्लोरा और फौना का जीवंत उदाहरण ||

प्रकृति और वन्यजीवन का अद्भुत संगम नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क ||

सफेद बाघों की धरती नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क में रोमांच और संरक्षण का अनोखा अनुभव ||

मीडिया टूर में दिखा प्रकृति का स्वर्ग नंदनकानन ||

जूलॉजिकल पार्क की जैव विविधता ने किया मंत्रमुग्ध ||

सफारी से बोटेनिकल गार्डन तक नंदनकानन ||

जूलॉजिकल पार्क बना वन्यजीव संरक्षण का सशक्त केंद्र ||

ओडिशा का ‘ईश्वर का उद्यान’ नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क में प्रकृति,पर्यटन और संरक्षण का संगम ||

भुवनेश्वर (ओडिशा):- ओडिशा मीडिया टूर के तहत मीडिया प्रतिनिधियों ने भुवनेश्वर स्थित नंदन कानन जूलॉजिकल पार्क का भ्रमण किया | प्राकृतिक जंगल और झीलों के बीच विकसित यह पार्क ओडिशा की समृद्ध जैव विविधता फ्लोरा और फौना का एक महत्वपूर्ण केंद्र है जहां वन्यजीव संरक्षण,पर्यावरण शिक्षा और पर्यटन का अनूठा संगम देखने को मिलता है | नंदनकानन का अर्थ होता है “ईश्वर का उद्यान” और यह नाम इस स्थल की प्राकृतिक सुंदरता को पूरी तरह प्रतिबिंबित करता है | लगभग 400 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह पार्क प्राकृतिक वन क्षेत्र और कंजिया झील के आसपास विकसित किया गया है | झील,घने वन क्षेत्र और विविध प्रकार की वनस्पतियां यहां एक संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करती हैं जो अनेक वन्यजीवों और पक्षियों के लिए अनुकूल आवास प्रदान करता है |

सफारी जंगल के बीच वन्यजीवन का रोमांच
नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क की प्रमुख विशेषताओं में से एक यहां की वाइल्डलाइफ सफारी है यहां शेर,बाघ, भालू और हिरण जैसे वन्यजीवों के लिए अलग-अलग सफारी जोन बनाए गए हैं | सफारी के दौरान पर्यटक सुरक्षित वाहनों में जंगल के भीतर से गुजरते हुए वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देख सकते हैं | यह अनुभव न केवल रोमांचक होता है बल्कि यह लोगों को वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार और उनके संरक्षण के महत्व को भी समझने का अवसर देता है | सफारी के माध्यम से पर्यटकों को यह एहसास होता है कि प्राकृतिक आवास का संरक्षण जैव विविधता के लिए कितना महत्वपूर्ण है |

सफेद बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध
नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क को अंतरराष्ट्रीय पहचान यहां पाए जाने वाले सफेद बाघों के कारण मिली है यह दुनिया के उन चुनिंदा स्थानों में से एक है जहां सफेद बाघों का सफल प्रजनन कार्यक्रम संचालित किया गया | इसके अलावा यहां एशियाई शेर,तेंदुआ,भालू,घड़ियाल, विभिन्न प्रजातियों के पक्षी और सरीसृप भी देखे जा सकते हैं इन सभी प्रजातियों के संरक्षण और प्रजनन के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं |

बोटेनिकल गार्डन वनस्पति विविधता का खजाना
नंदनकानन परिसर में विकसित बोटेनिकल गार्डन ओडिशा की समृद्ध वनस्पति विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र है यहां विभिन्न प्रजातियों के वृक्ष,औषधीय पौधे और दुर्लभ वनस्पतियां संरक्षित की गई हैं | कांजिया झील के आसपास फैले हरित क्षेत्र में विकसित यह उद्यान शोध,शिक्षा और पर्यावरण जागरूकता के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है यह क्षेत्र प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने में सहायक है और कई पक्षियों व छोटे जीवों के लिए सुरक्षित आवास भी प्रदान करता है |

संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का केंद्र
मीडिया प्रतिनिधियों को बताया गया कि नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क केवल एक पर्यटन स्थल नहीं है बल्कि यह वन्यजीव संरक्षण,शोध और पर्यावरण शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है यहां विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण,प्रजनन और पुनर्वास के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग किया जाता है | इसके साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों और छात्रों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं |

प्रकृति,पर्यटन और संरक्षण का संतुलन
नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क इसकी सफारी और बोटेनिकल गार्डन मिलकर ओडिशा की समृद्ध फ्लोरा और फौना को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं | प्राकृतिक वातावरण में विकसित यह परिसर पर्यटकों को प्रकृति के करीब आने और जैव विविधता के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करता है | इस प्रकार नंदनकानन न केवल ओडिशा का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है बल्कि यह देश में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का भी एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन चुका है ||

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button