असम सरकार ने विद्युत नियामक आयोग को बिना नाखून ओर दात के बाघ में बदल दिया : जीतुल डेका

असम सरकार ने विद्युत नियामक आयोग को बिना नाखून ओर दात के बाघ में बदल दिया : जीतुल डेका
एपीडीसीएल को स्वयं विद्युत प्रभार बढ़ाने का अधिकार देने के संबंध में आप, असम ने दिया प्रतिक्रिया
पंकज नाथ, असम, 6 अक्टूबर:
नियमित रूप से बिजली देने में बुरी तरह विफल असम का बिजली विभाग डिजिटल मीटर, स्मार्ट मीटर के नाम पर लोगों को बलि का बकरा बना रहा है। बिजली विभाग बिजली की दरों में लगातार वृद्धि के साथ असम के लोगों को बुरी तरह से परेशान करके रखा है। आज तक बिजली विभाग जनता को जवाब नहीं दे पाया है कि स्मार्ट मीटर के इस्तेमाल के बाद फीस में भारी बढ़ोतरी क्यों की गई है। खुद मुख्यमंत्री द्वारा स्मार्ट मीटर के कारण बिजली शुल्क में वृद्धि के संबंध में खुद कार्रवाई करने का वादा करके आज तक कुछ नहीं कर पाए है। साथ ही असम के लोगों के लिए यह दुखद खबर है कि सरकार ने नियामक आयोग की शक्तियों में कटौती कर आयोग को बिना नाखून ओर दात की बाघ में बदल दिया है। विद्युत नियामक आयोग द्वारा सुनवाई के बिना ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बहाने एपीडीसीएल को बिजली दरों में वृद्धि करने के लिए अधिकृत करने के संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए आप, असम इकाई के उपाध्यक्ष जीतुल डेका ने एक बयान में कहा, ऐसे समय में जब बिजली के शुल्क में वृद्धि ने जनता को बुरी तरह प्रभावित किया है उस समय एपीडीसीएल पर विद्युत नियामक आयोग की शक्तियों में कटौती करके और अधिक बिजली की दरों में बढ़ोतरी का मार्ग प्रशस्त कर दिया है । बिजली नहीं दे पा रही सरकार सिर्फ फीस वसूलने पर ध्यान दे रही है न कि लोगों के हित को ध्यान में रख रही है। चुनाव की पूर्व संध्या पर 24 घंटे बिजली देने के वादे के साथ सत्ता में आई सरकार अब 12 घंटे तक बिजली काटकर लोगों को परेशान कर रही है। एफपीपीए के नाम पर बिजली की दरें बढ़ाने के लिए नियामक आयोग को पहले के समय में आवेदन करना पड़ता था इसके आधार पर आयोग जनसुनवाई करके निर्णय लिया करता था। आयोग के जो स्वतंत्रता थी अब उसके क्षमता काटकर सरकार के हाथों की कठपुतली में बदल दिया है । ऐसी व्यवस्था के लिए जनता को अब से अधिक वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ेगा। बयान के माध्यम से आप, असम ने सरकार से मांग किया है कि सरकार जनता को मुफ्त बिजली आपूर्ति प्रदान करे और लोगों को चौबीसों घंटे बिजली प्रदान करे।


















