महिला कमेटी द्वारा होली मिलन का आयोजन महिलाओं ने ढोलक की थाप पर जमकर किया नृत्य

आपसी भाईचारे का प्रतीक है होली
धामपुर -मुहल्ला खतियान स्थित सुनारो वाले शिव मंदिर मेड सभा में महिला कमेटी द्वारा होली मिलन का आयोजन किया गया महिलाओं ने ढोलक की थाप पर जमकर नृत्य किया ,। एक दूसरे के गुलाल लगाकर फूलों की वर्षा के साथ मधुर गीतों का गायन कर पूर्ण वातावरण को होली मेंय बना कर समा बांध दिया,
ओमवती जी ने होली आई रे कन्हाई रंग बरसे सुना दे जरा बांसुरी ।
उमा वर्मा ने भागा रे भागा रे देखो नंदलाला राधा ने पकड़ा रंग डाला
दीपमाला ने आज बिरज में होली रे रसिया ।
सुमन वर्मा ने में होली कैसे खेलूंगी सांवरिया जी के संग रंग ।
संगीता रस्तोगी ने रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे आदि पर नृत्य कर समा बांध दिया।
इस अवसर पर उमा वर्मा ने होली के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राचीन मान्यता के अनुसार हिरणयकुश के पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु की पूजा करते थे। अपने पिता के बार-बार मना करने पर भी उन्होंने विष्णु भगवान जी की पूजा नहीं छोड़ी इस पर क्रोधित होकर हिरणयकुश ने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को मारने का आदेश दिया। होलिका ने प्रहलाद को अपनी गोद में बैठाकर अग्नि में बैठ गई होलिका को वरदान प्राप्त था कि कोई अग्नि उसे हानि नहीं पहुंचा सकती किंतु विष्णु जी की कृपा से होलिका जलकर राख हो गई तथा प्रह्लाद का बाल बांका भी नहीं हुआ तभी से होलिका दहन मनाया जाता है ।
एक अन्य मान्यता के अनुसार भगवान शिव जी साधना में लीन थे उस समय कामदेव ने शिवजी की साधना को भंग कर दिया था अतः क्रोध में शिव जी ने कामदेव को भस्म भी इसी दिन किया था होली के दिन जो की बालियों को गन्ने के साथ होली में भूनकर अग्नि को समर्पित किया जाता है।
अंत में उन्होंने जाति व्यवस्था को त्याग कर बिना भेदभाव और प्रेम पूर्वक एक साथ होली का त्योहार मनाने पर भी कहा तथा आपसी भेदभाव हर तरह से मिटाना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रमिला वर्मा ज्योति वर्मा नेहा वर्मा सुमन वर्मा सोनी वर्मा दीपमाला वर्मा उमा वर्मा मंजू वर्मा शालिनी वर्मा रूकमणी वर्मा मुस्कान वर्मा रुकमणी वर्मा संगीता रस्तोगी,
मीनू आर्य रेनू भारद्वाज खुशी भारद्वाज सरोज शर्मा ओमवती प्रेमवती तथा कुछ अन्य महिलाएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन नरेश वर्मा, तथा,सौरभ वर्मा ने किया।
धामपुर से अमित शर्मा की रिपोर्ट


















