बिना सत्यापन किरायेदार रखने वालों से वसूले रु0 6 लाख 60 हजार

पौड़ी एसएसपी श्रेया चौबे के दिशा निर्देशन पर जनपद पौड़ी में व्यापक स्तर पर चला सत्यापन अभियान
उत्तराखंड पौड़ी गढ़वाल कोटद्वार आईरा न्यूज़ नेटवर्क
राजेश सिंघल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल, श्रेया चौबे द्वारा बाहरी राज्यों, जनपद पौड़ी में आने वाले, निवासरत एवं कार्यरत व्यक्तियों का जनहित में सत्यापन हेतु पुलिस मुख्यालय के आदेशानुसार समस्त थाना प्रभारियों को प्रत्येक रविवार को अपने-अपने थाना क्षेत्र में छात्रों, श्रमिकों एवं किरायेदारों, घरेलू नौकरों, फड़-फेरी, मजदूरों, बाहरी व्यक्तियों, संदिग्ध रूप से घूम रहे व्यक्तियों के आगमन पर अग्रिम सत्यापन की कार्यवाही हेतु कड़े निर्देश दिये गये है। जिसके क्रम अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार शेखर चन्द्र सुयाल के नेतृत्व, पुलिस उपाधीक्षक कोटद्वार गणेश लाल कोहली, पुलिस उपाधीक्षक श्रीनगर श्यामदत्त नौटियाल, पुलिस उपाधीक्षक सदर पौडी प्रेम लाल टम्टा, पुलिस उपाधीक्षक ऑप्स विभव सैनी के पर्यवेक्षण में समस्त थाना प्रभारियों द्वारा दिनाँक 13.11.2022 को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में वृहद स्तर पर डोर टू डोर सत्यापन अभियान चलाकर छात्रों, श्रमिकों एवं किरायेदारों, घरेलू नौकरों, फड़-फेरी, मजदूरों, बाहरी व्यक्तियों व संदिग्ध रूप से घूम रहे व्यक्तियों के दृष्टिगत 346 किरायेदार, 192 मजदूर, 60 रेड़ी/ठेली वालों की सत्यापन की कार्यवाही की गयी।सत्यापन न करने वाले 66 मकान मालिकों के विरुद्ध उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम की धारा- 83 के तहत रु0 6 लाख 60 हजार/- के चालान माननीय न्यायालय को प्रेषित किये गये।
अपील
सम्बन्धित व्यक्ति द्वारा सत्यापन प्रपत्र एवं प्रस्तुत किये जा रहे दस्तावेजों के सम्बन्ध में शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। उक्त के अतिरिक्त व्यक्ति द्वारा सत्यापन की कार्यवाही के समय अथवा तत्पश्चात अपने मूल निवास से सम्बन्धित थाना/जनपदीय कार्यालय से निर्धारित प्रारुप में सत्यापन रिपोर्ट/चरित्र प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। व्यक्ति द्वारा निर्धारित सत्यापन प्रपत्र के अनुसार ही सूचना भरकर शपथ पत्र तथा सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी। व्यक्ति के सत्यापन के सम्बन्ध में कूटरचित दस्तावेज तथा गलत शपथ पत्र प्रस्तुत करने पर उसके विरुद्ध भारतीय दण्ड विधान की सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही की जायेगी। यदि व्यक्ति संदिग्ध लगे तो आप नजदीकी थाना या आपातकालीन नम्बर डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस का सहयोग कर अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


















