नैनीताल ज़िलें के सभी स्कूल, कॉलेज ऒर आँगनवाड़ी केंद्र 27अप्रैल तक बंद

नैनीताल / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,जनपद में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष और आदमखोर वन्यजीव की सक्रियता के बीच जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भीमताल ब्लॉक के कई गांवों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र अस्थायी रूप से बंद करने के आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेश के अनुसार तहसील नैनीताल क्षेत्र के विकासखंड भीमताल अंतर्गत ज्योली, दोगड़ा, डोलमार, सूर्याजाला, मोरा, ज्योलीकोट, सूर्यागांव, गांजा, रानीबाग, दो गांव, आलूखेत, भदयूनी, बल्यूटी, हैडी, सोनगोठ, काठगोदाम, बेल और नाईसेला गांवों में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12 तक) एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में 25 अप्रैल और 27 अप्रैल को अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन के अनुसार इन क्षेत्रों में वन्यजीवों की लगातार सक्रियता देखी जा रही है और कई स्थानों पर आदमखोर वन्यजीव की आशंका भी जताई गई है। इन गांवों के बच्चों को स्कूल और आंगनबाड़ी तक पहुंचने के लिए सुनसान रास्तों, पगडंडियों और जंगलों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस अवधि में किसी भी छात्र-छात्रा को स्कूल या आंगनबाड़ी केंद्र में नहीं बुलाया जाएगा।
हालांकि, जनगणना कार्य में लगे अधिकारी और कर्मचारी अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।
डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है कि आदेश की सूचना समय पर सभी अभिभावकों तक पहुंचाई जाए और इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वन विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों को समन्वय बनाकर स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।


















