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बिना पंजीकरण चल रहे अस्पताल में जच्चा की मौत

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रिपोर्ट – सुबोध कुमार
जनपद – मैनपुरी
दिनांक -05/09/2022
मो0-8534099608

स्लैग- परिजनों का आरोप बिना प्रशिक्षित चिकित्सकों के ही कर दिया बड़ा ऑपरेशन – बिना पंजीकरण चल रहे अस्पताल में जच्चा की मौत

पच्चीस हजार रुपए लेकर किया था भर्ती

एंकर- मैनपुरी बेवर – बेवर थाना क्षेत्र अंतर्गत कस्बे के गग्गरपुर नहर पुल के पास बिना पंजीकरण चल रहे एक अस्पताल में सोमवार दोपहर बाद एक जच्चा की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बिना प्रशिक्षित चिकित्सकों ने बड़ा ऑपरेशन कर दिया और उन्हें किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी। ऑपरेशन के नाम पर उनसे पच्चीस हजार रुपए भी जमा करा लिए गए। जच्चा की मौत होने पर परिजनों ने हंगामा काट दिया। इधर मौका देख कर हॉस्पिटल का स्टाफ रफूचक्कर हो गया। मामले में घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवाया है। वही परिजन खबर लिखे जाने तक हॉस्पिटल के बाहर हंगामा कर रहे थे। बेवर थाना क्षेत्र के ग्राम विल्सडा निवासी मृतका के पति सुमित कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह 10:30 बजे उसने अपनी पत्नी खुशबू देवी को जी टी रोड गग्गरपुर नहर पुल के पास स्थित आरआर हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। ऑपरेशन के नाम पर हॉस्पिटल स्टाफ ने उनसे पच्चीस हजार रुपए जमा करा लिए। 11:30 ऑपरेशन किया गया जिससे 1 पुत्र पैदा हुआ। धीरे धीरे महिला की हालत बिगड़ती गई। हॉस्पिटल उन्हें जल्दी ठीक करने का दिलासा देता रहा। देर शाम लगभग 4:30 बजे जब प्रसूता ने दम तोड़ दिया तब भी अस्पताल ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी और धीरे-धीरे करके पूरा हॉस्पिटल स्टाफ रफूचक्कर हो गया। देर शाम जब परिजनों ने महिला की मौत को जाना तो हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामे की सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंच गई। जहां शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवा दिया गया। खबर लिखे जाने तक परिजन हॉस्पिटल के बाहर हंगामा कर रहे थे। हॉस्पिटल को आरआर हॉस्पिटल के नाम से बताया जा रहा है। जबकि हॉस्पिटल के बाहर कोई भी बोर्ड नहीं है।

बिना पंजीकरण चल रहे कई हॉस्पिटल व झोलाछाप दुकाने कस्बा एवं क्षेत्र में बिना पंजीकरण के कई हॉस्पिटल एवं झोलाछाप की दुकानें संचालित हैं। बंगालियों की भरमार है। पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की कान पर जूं नहीं रेंगता। लोगों का कहना है कि यह अवैध हॉस्पिटल, पैथोलॉजी, झोलाछाप दुकाने, बंगाली क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से संचालित होते हैं, जो स्वास्थ्य विभाग की मोटी कमाई का जरिया भी है। आक्रोशित लोगों ने जिलाधिकारी से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फोटो सलंग्न है।
जच्चा की मौत होने वाले तथाकथित हॉस्पिटल में हंगामा करते परिजनों को समझाती पुलिस शव को ले जाने का विरोध करते परिजन!

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