विद्युत विभाग : उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर पर ब्रेक! स्मार्ट मीटरों की ‘कुंडली’ जांचने के लिए IIT के एक्सपर्ट्स मैदान में!

लखनऊ 19 अप्रैल : उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी को लेकर बढ़ती उपभोक्ताओं की शिकायतों को देखते हुए, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में, UPPCL ने एक चार-सदस्यीय उच्च-स्तरीय तकनीकी समिति (Expert Committee) का गठन किया है।
जांच का दायरा:
यह समिति राज्य में लगाए गए सभी प्रकार के स्मार्ट मीटरों की तकनीकी जांच करेगी और उनकी गुणवत्ता पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
काम रुका:
जब तक यह एक्सपर्ट कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं दे देती, तब तक स्मार्ट मीटर बदलने का कार्य स्थगित कर दिया गया है। आगे का निर्णय रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।
समिति के सदस्य:
श्री अंकुश शर्मा, प्रोफेसर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), कानपुर।
श्री प्रबोध बाजपेयी, प्रोफेसर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), कानपुर।
श्री तेजस मिस्त्री, अनुभाग प्रमुख, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन (ERDA), वड़ोदरा।
श्री जी.डी. द्विवेदी, निदेशक (वितरण), उ.प्र. पावर कारपोरेशन लि., शक्ति भवन (संयोजक)।
समय सीमा:
समिति को 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट UPPCL अध्यक्ष को उपलब्ध करानी होगी।
UPPCL अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल द्वारा जारी ज्ञापन में स्वीकार किया गया है कि राज्य में अब तक 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। निगम का मानना है कि अधिकांश मीटर ठीक से काम कर रहे हैं, फिर भी गुणवत्ता और कनेक्टिविटी से जुड़ी शिकायतें विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हो रही थीं।
इस बीच, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने भी स्मार्ट मीटरिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं की सहमति को लेकर सवाल उठाए हैं, जिस पर विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने भी UPPCL से जवाब तलब किया है।
विशेष जानकारी :यह महत्वपूर्ण अपडेट पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के कार्मिक अधिकारी द्वारा साझा की गईं है।


















