करनाल-हरियाणा

2 करोड़ 86 लाख घरों को बिजली से जोड़कर आमजन के जीवन को किया रोशन : अतिरिक्त उपायुक्त डा. वैशाली शर्मा।

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सुमरिन योगी
करनाल

भारत सरकार ने वर्ष 2014 से 2018 के बीच देश के 18374 गांवों और करीब 2 करोड़ 86 लाख घरों को बिजली से जोड़कर आमजन के जीवन को किया रोशन : अतिरिक्त उपायुक्त डा. वैशाली शर्मा।

करनाल 29 जुलाई, अतिरिक्त उपायुक्त डा. वैशाली शर्मा ने कहा कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि के लिए बिजली के क्षेत्र में ढांचागत सुधार अत्यंत आवश्यक है। इसी आवश्यकता की पूर्ति के मद्देनजर वर्तमान सरकार ने बिजली के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है और इस विकास के तहत वर्ष 2014 से 2018 के बीच देश के 18374 गांवों और करीब 2 करोड़ 86 लाख घरों को बिजली से जोड़कर आमजन के जीवन को रोशन किया गया।


अतिरिक्त उपायुक्त शुक्रवार को घरौंडा खंड के गांव बसताड़ा के सामुदायिक केन्द्र में आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंख्ला में आयोजित हुए उज्ज्वल भारत-उज्ज्वल भविष्य कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थी। बता दें कि उज्जवल भारत-उज्जवल भविष्य कार्यक्रम पिछले लगभग 8 वर्ष के दौरान बिजली के क्षेत्र में हुए ढांचागत व अभूतपूर्व सुधार की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के दृष्टिगत देशभर में आयोजित किये जा रहे है। कार्यक्रम की शुरूआत एडीसी डा. वैशाली शर्मा, घरौंडा के एसडीएम अभय सिंह जांगड़ा तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन करके की गई।
इस अवसर पर एडीसी ने कहा कि बिजली हर-घर की जरूरत है। सरकार ने आमजन की इस जरूरत को पूरा करते हुए उन परिवारों के जीवन को बदलने का काम किया है, जिन्हें लंबे समय तक बिजली मुहैया नहीं हुई थी। यही नहीं सरकार ने 1द्बस्र4ह्वह्लञ्च२०४७ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते हुए बिजली के क्षेत्र में सुधार के लिए रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली क्षमता विस्तार के लिए बेहतर काम किया है, जिससे बिजली के उत्पादन में 1 लाख 69 हजार मेगावाट से ज्यादा की असाधारण वृद्धि हुई है। सौर उर्जा, पवन उर्जा और लघु जल विद्युत जल परियोजनाओं को नई गति और नये उत्साह के साथ आगे बढ़ाया गया है। परिणामस्वरूप भारत आज एक बिजली बहुल देश है। विद्युत नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा 2 लाख करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि विभिन्न योजनाओं जैसे इंटीगे्रटिड पावर डेवेलपमेंट स्कीम, दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, सौभाग्य योजना को लागू करने में खर्च की गई है। वर्ष 2014 में जहां 76 गीगावाट बिजली उत्पादन गैर परम्परागत उर्जा स्त्रोतों से होता था, आज यह क्षमता दोगुनी होकर 160 गीगावाट तक हो गई है। वर्ष 2021 में रिन्युएबल ऐनर्जी का 40 प्रतिशत क्षमता मिश्रण हासिल कर लिया गया है और वर्ष 2030 तक गैर परम्परागत उर्जा स्त्रोतों से 500 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो कुल बिजली उत्पादन का 50 प्रतिशत होगा। सौभाग्य योजना के अंतर्गत सरकार ने देश के सभी घरों में बिजली पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए 16 हजार 320 करोड़ रूपये की धनराशि खर्च की है और मात्र 18 महीनों के अंतराल में 56 बिजली कम्पनियों के अथक प्रयासों से 2 करोड 86 लाख घरों को बिजली से जोड़कर हर घर को बिजली देने के लक्ष्य को पा लिया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में देश के 18374 गांव ऐसे थे, जहां बिजली की सुविधा नहीं थी। दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत इन गांवों को बिजली से जोडऩे के लिए एक हजार दिनों का लक्ष्य रखा गया है और 28 अप्रैल 2018 को लक्ष्य की प्राप्ति करते हुए वह ऐतिहासिक दिन आया जब मणिपुर के अति दुर्गम गांव लिसांग में बिजली का बल्ब रोशन कर इसे देश में 100 प्रतिशत गांव विद्युतिकरण और 100 प्रतिशत घरेलू विद्युतिकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। इन सभी विकास कार्यो के परिणामस्वरूप बिजली की आपूर्ति 12 घंटे से बढ़कर लगभग 23 घंटे हो चुकी है।
कार्यक्रम में सतलुज जल विद्युत निगम के अधीक्षक अभियंता सुनील पराशर ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए बिजली की भूमिका अहम है। बिजली की उपलब्धता पर ही कृषि व औद्योगिक क्षेत्र का विकास निर्भर है। दूसरे शब्दों में यह कहा जाए कि बिजली ही अप्रत्यक्ष रूप से प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने में भी अहम योगदान देती है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर वर्तमान सरकार ने बिजली के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार कर हरियाणा में 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने की दिशा में बेहतर कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा ने निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत केन्द्र सरकार के साथ कदमताल करते हुए कईं ढांचागत सुधार किये है। म्हारा गांव जगमग गांव योजना इसी बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसके तहत हरियाणावासियों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। इस योजना के तहत नये कनैक्शन उपलब्ध करवाना, खराब मीटर को बदलना, बिजली बिलों को ठीक करना, अनाधिकृत बिजली लोड को नियमित करना तथा पुराने क्षतिग्रस्त कंडक्टर को एबी केबल से बदलना तथा उपभोक्ताओं के बिजली के मीटरों को परिसर से बाहर स्थानांतरित करना आदि कार्य शामिल है। यही नहीं बड़ी संख्या में बिजली के नये सबस्टेशनों की भी स्थापना की गई है।
कार्यक्रम में एनटीपीसी द्वारा क्षमता विस्तार, पीजीसीआईएल द्वारा वन नेशन वन ग्रिड तथा एसईसीआई द्वारा रिन्युएबल ऐनर्जी व विलेज इलैक्ट्रिफिकेशन पर फिल्म दिखाई गई। कार्यक्रम में बिजली विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ ले चुके लाभार्थियों, जिनमें सुशील कुमार, जगपाल और बलवान ने अपने अनुभव सांझा किए। बच्चों द्वारा गायन के माध्यम से मां सरस्वती की स्तुति की गई और स्वागत गीत व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। इस मौके पर एसजेवीएनएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक अजय भूषण डोगरा, यूएचबीवीएनएल के अधीक्षक अभियंता जितेन्द्र सिंह नारा, कार्यकारी अभियंता धर्म सिंह सुहाग, एसडीओ युवराज सिंह, बीडीपीओ अशोक छिकारा, सौर ऊर्जा विभाग से पीओ ओम गोपाल, राजकीय स्कूल बसताड़ा की प्रधानाचार्या मनदीप शर्मा, गांव के पूर्व सरपंच पाला राम, मेवा सिंह, सुरेश फौजी, रोशन शर्मा सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
बॉक्स: जिला स्तर पर 30 जुलाई को स्थानीय पंचायत भवन में उज्जवल भारत-उज्जवल भविष्य कार्यक्रम होगा आयोजित, देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली करेंगे संबोधित, सांसद संजय भाटियों करेंगे बतौर मुख्य अतिथि शिरकत – एडीसी डा. वैशाली शर्मा।
अतिरिक्त उपायुक्त डा. वैशाली शर्मा ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंख्ला में जिला स्तरीय उज्जवल भारत-उज्जवल भविष्य कार्यक्रम 30 जुलाई को स्थानीय पंचायत भवन में जिला स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें वर्चुअल तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जुड़ेंगे और अपना संदेश देंगे, कार्यक्र में राज्य की बिजली क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों को दर्शाया जाएगा तथा आगामी 25 वर्षों का मैप तैयार किया जाएगा।

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