खुले में शोच जाने को है मजबूर ग्रामीण क्यों नहीं खुला शौचालय का ताला

जनपद मैनपुरी
रिपोर्टर अमन कुमार
खुले में शोच जाने को है मजबूर ग्रामीण क्यों नहीं खुला शौचालय का ताला
डेढ़ वर्ष से बंद है दौदापुर सामुदायिक शौचालय में ताला
बेवर। एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार हर गांव में एक सार्वजनिक शौचालय बनवाए हैं तो वही हर घर में एक शौचालय निशुल्क बनवाया गया है जिससे कोई भी खुले में शौच ना जाए लेकिन वही उत्तर प्रदेश सरकार योजनाओं की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं आखिर क्यों नहीं खुल रहे हैं गांव के सार्वजनिक शौचालय क्यों लड़का है ताला ऐसा ही एक मामला
बेवर थाना क्षेत्र के एक गांव में खुले में शौच मुक्त कराने के लिए पहले गांव में घर-घर नि:शुल्क शौचालय बनाए गए। इसके बाद भी लोगों की सहूलियत के लिए गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। विभागीय उदासीनता की स्थिति यह है कि विकासखण्ड क्षेत्र के दौदापुर में सामुदायिक शौचालय बनने के डेढ़ वर्ष बाद अनुपयोगी साबित हो रहा है। लाखों की लागत से बने शौचालय का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। रखरखाव के लिए स्वयं सहायता समूह को जिम्मेदारी दी गई है।
बेवर ब्लाक अंतर्गत ग्राम दौदापुर में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य डेढ़ वर्ष पूर्व कराया गया था निर्माण के बाद अभी तक इस शौचालय में ताला ही लटका हुआ है। सामुदायिक शौचालय के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह को दी गई है। इन शौचालय में ताला लगा होने के कारण शौचालय का उपयोग आम लोग नहीं कर पा रहे हैं। शौचालय का ताला कब तक खुलेगा ये अभी फिलहाल जानकारी नहीं है।
इस बाबत ग्राम विकास अधिकारी रोहित कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में है।शौचालय के गड्ढे टूटे होने के चलते अभी इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है।हमारे द्वारा अभी हाल में ही चार्ज लिया गया है।जल्द ही मरम्मत करा सामुदायिक शौचालय का संचालन कराया जाएगा


















