नए साल में सरिस्का से आई खुशखबरी, दो शावकों के साथ दिखी बाघिन, CM गहलोत ने जताई खुशी

जयपुर: नए साल में सरिस्का से एक बेहतरीन खबर सामने आई है. सघन मॉनिटरिंग, ग्रास लैंड का विकास और बाघ संरक्षण की दिशा में किए जा रहे जोरदार कार्यों का नतीजा है कि सरिस्का में लगातार बाघों का कुनबा बढ़ता जा रहा है. सरिस्का में आज बाघिन एसटी 19 अपने दो शावकों के साथ कैमरा ट्रैप में नजर आई. इसके साथ ही सरिस्का में बाघों का कुनबा बढ़कर 25 हो गया है.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर जंगल से आई इस खुशी की खबर को सांझा किया है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि यह जानकर अच्छा लगा कि सरिस्का में बाघिन एसटी 19 को शावकों के साथ देखा गया है. राजस्थान में वन्यजीवों को पनपते देखकर अच्छा लगा.
वहीं वन एवं पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी ने खबर सुनने के बाद खुशी जताई और वन विभाग के आला अधिकारी खासकर प्रमुख सचिव श्रेया गुहा, पीसीसीएफ हॉफ डॉ डीएन पांडे, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरिंदम तोमर और टीम सरिस्का के तमाम अधिकारियों को लेकर ट्रेकर तक को बधाई दी है. दरअसल सरिस्का बाघ परियोजना के अलवर बफर रेंज के बारालिवारी वन क्षेत्र में वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक आरएन मीणा के कार्यालय वाले बफर वन क्षेत्र में बाघिन एसटी-19 की दो बाघ शावकों के साथ पहली बार आज सुबह कैमरा ट्रेप में फोटो आई है.
इन दोनों बाघ शावकों की उम्र लगभग दो माह:
इन दोनों बाघ शावकों की उम्र लगभग दो माह है. माह अक्टूबर-नवम्बर से ही बाघिन एसटी-19 की विशेष मोनिटरिंग एवं ट्रेकिंग की जा रही है. इस क्षेत्र में सतत् मोनिटरिंग के लिए और कैमरा ट्रेप पूर्व में ही लगा दिये गये थे और अब इस क्षेत्र में और अधिक निगरानी एवं सावचेती के लिए वन अधिकारियों, कर्मचारियों को विशेष निर्देश प्रदान किये गये हैं.
सरिस्का में धीरे-धीरे पुराने दिन लौटने की उम्मीद:
आपको बता दें कि बाघों की संख्या देश में वैसे भी बहुत कम है. जिसे लेकर केंद्र से लेकर राज्य सरकार चिंतित हैं. बाघों की घटती संख्या के मद्देनजर कई संस्थाओं ने भी सरकार से बाघ को बचाने की अपील की है. सरिस्का अभयारण्य करीब डेढ़ दशक पूर्व बाघ विहीन हो गया था. लेकिन वन विभाग और सरकार के साझा प्रयासों के बाद अब वहां धीरे-धीरे पुराने दिन लौटने की उम्मीद जताई जा रही है.


















