2000 करोड़ रुपए कफ सिरप मामले में कब होगी बुलडोजर की कारवाई यहां तो कफ सिरप ने कई निरपराध बच्चो की भी हत्या

ई तो ठीक है लेकिन 2000 करोड़ रुपए कफ सिरप मामले में कब होगी बुलडोजर की कारवाई यहां तो कफ सिरप ने कई निरपराध बच्चो की भी हत्या हुई है जिनका कोई कसूर नहीं था ! मामला कई दिनों से सुर्खियों में है कई समाज के ठेकेदारों ने खूब जमकर कमाई भी किया है जिसकी चर्चा बनारस के हर गली मोहल्ले में हो रही है लेकिन दलालों की पूरी फौज जिसने शुभम जायसवाल जैसे युवक को रॉकी बना दिया और पैसे की हवस में पागल इस युवक अर्थयुग के अंधे दौर में अपराध की माला पहन खुद को अपराध की दुनियां के बेताज बादशाह जैसे बड़े अपराधी की चंगुल में फंस कर शिकार हो गया.. ! दुर्लभ अर्थ व्यवस्था को चुनौती देने वाले नेता, मंत्री, मीडिया के दलाल और पुलिस के अधिकारी को मालामाल कर गया कई लोगों को हवाई सैर सपाटा और विदेशी दुनियां की यात्रा भी कराई! जिनकी सुरक्षा संरक्षण ने कफ सिरप मामले में मास्टरमाइंड और सरगना बनाया वह इस मामले से बचते नजर आ रहे हैं जबकि इसकी जांच सीबीआई द्वारा ही किया जाना चाहिए जिससे कि मृत्यु की अ और परिजनों की आंसू का हिसाब हो सके क्योंकि हत्यारा सिर्फ एक नहीं दर्जनों लोग हैं जो जिम्मेदार और सामाजिक रुतबे के साथ अपनी मंसूबे में कामयाब हो रहे हैं उनका चेहरा बेनकाब होना बहुत जरूरी है बाबा विश्वनाथ की नगरी मोदी जी की संसदीय क्षेत्र वाराणसी कराह रही है की न्याय व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी होते हुए सिर्फ खानापूर्ति का पहिया पकड़ सब गोलमाल की संचालन में दुरुस्त है !
कई मगरमच्छ अभी इस मामले में भरपूर जुगत लगा रहे हैं और गुमराह करते हुए जनता को अपनी सफाई के साथ अपराध की जड़े मजबूत कर बैठे हैं लेकिन देर है अंधेर नहीं है न्याय तो होगा और होना भी चाहिए ! वाराणसी में समय-समय पर छापेमारी और जांच की खूब खबरें सुर्खियां बटोरती हैं लेकिन क्या वेश्यावृत्ति बंद हो गया जुआ/ सट्टा बंद हो गया और अन्याकाई अपराधी गतिविधि ..
जब शासन में बैठे कदर दान अपनी मन में चूर हो जाए और नेता सिर्फ सफेदी को अपनी पहचान बताएं तो कलम की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है जिससे समाज में फैल रहे दुर्गंध पर काबू पाया जा सके!
इस मामले में बहुत बड़े-बड़े लोग सम्मिलित हैं सिर्फ नेताओं की टीम नहीं बल्कि पुलिस के भी कई लोग शामिल हैं जिसमें की बर्खास्त सिपाही गिरफ्तार हो चुका है !
देखना होगा कि अपराध नियंत्रण की ढोल पीटने वाली योगी सरकार इस मामले में भी अपनी पुरानी छवि बरकरार रखते हुए ठोस कार्रवाई करती है या ढीली रवैया के साथ नए दाग को अपनाती है !





