होली और ईद एक-दूसरे को जोड़ने वाले पर्व हैं।चन्द्रशेखर आजाद

रिपोटर विकास सिंह
होली और ईद एक-दूसरे को जोड़ने वाले पर्व हैं।चन्द्रशेखर आजाद
नूरपुर।नूरपुर में हुआ होली और ईद मिलन काव्य सम्मेलन, चंद्रशेखर आज़ाद बोले हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहज़ीब का अनोखा संगम, हजारों की संख्या में लोगों ने लिया हिस्सा।नगर के निकटवर्ती गाँव रवाना स्थित ए.एच.एम. हॉस्पिटल में रविवार को एक भव्य काव्य सम्मेलन एवं होली-ईद मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रोताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लेकर गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल पेश की।इस आयोजन के मुख्य अतिथि भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा, “होली और ईद दो ऐसे पर्व हैं जो सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे की मिसाल हैं। ये दोनों पर्व हमें जोड़ते हैं, न कि तोड़ते हैं। यह एक ऐसा आयोजन है, जिसमें हिंदू-मुस्लिम एकता की झलक साफ़ नज़र आई।उन्होंने आगे कहा कि “गंगा-जमुनी तहज़ीब हमारी साझी विरासत है, जिसे कुछ भ्रष्ट नेताओं ने अपने फायदे के लिए बांटने की कोशिश की है। पहले के दौर में लोग ईद, दिवाली और होली मिल-जुलकर मनाते थे, और आज के इस आयोजन में वही पुराना नज़ारा फिर से देखने को मिला।कार्यक्रम में देश और प्रदेश के कई प्रसिद्ध शायरों ने शिरकत की और अपने अशआरों व कलाम से माहौल को सराबोर कर दिया। हाशिम फिरोज़ाबादी, सज्जाद झंझट, शाहिद अंजुम, कुंवर नबील मिकरानी, रफी बढ़ापुरी, ख़ालिद गौहर और निकहत अमरोही जैसे नामचीन शायरों ने अपने कलाम के जरिए आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया।कार्यक्रम के संयोजक समाजसेवी और ए.एच.एम. हॉस्पिटल के संस्थापक हाजी उस्मान रहे, जिनकी मेहनत और लगन से यह आयोजन सफल हो सका। उन्होंने कहा हमारा मकसद एक ऐसा मंच देना है जहाँ दोनों समुदाय एक साथ बैठें सुनें, समझें और मोहब्बत का पैगाम लेकर लौटें।कार्यक्रम का संचालन मशहूर मंच संचालक इरशाद धामपुरी ने किया, जिन्होंने पूरे सम्मेलन को खूबसूरती से संभाला और श्रोताओं को बांधे रखा।इस अवसर पर स्थानीय समाजसेवी, बुद्धिजीवी, व्यापारी वर्ग, युवाओं सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन फूलों की वर्षा और एक-दूसरे को गले लगाकर होली व ईद की शुभकामनाएं देने के साथ हुआ।


















