हमारे काटे का एकमात्र इलाज सिर्फ और सिर्फ एंटीवेनम ही है- कोबरा/करैत

हमारे काटे का एकमात्र इलाज सिर्फ और सिर्फ एंटीवेनम ही है- कोबरा/करैत
हमें देखते ही मारिये नहीं,बस हमारी बात को सर्पमित्र डॉ आशीष से समझिये
इटावा। मेरे प्यारे भाइयों बहनों, वैसे तो भारत भर में पाई जाने वाली सभी प्रकार की प्रजातियों में मुख्य रूप से केवल हम चार प्रकार के साँप ही जहरीले है, जिनमे से एक मैं कोबरा और मेरे तीन अन्य भाई करैत, रसल वाइपर एवं सॉ स्केल्ड वाइपर प्रमुख नाम है जिन्हें आप सभी बिग फोर के नाम से भी जानते है। उनमें से ही मैं एक हूँ और मेरा लोकल नाम नाग व सामान्य नाम इंडियन स्पेक्टिकल कोबरा व जन्तु वैज्ञानिक नाम (नाजा, नाजा ) है भाइयों मेरी लम्बाई लगभग 5 फुट तक हो सकती है मेरे पास फन फैलाकर खड़े होने की क्षमता है। मेरा ही तरह मेरा एक और छोटा भाई करैत है जो कि विष में मुझसे भी लगभग 6 गुना ज्यादा जहरीला होता है उसका लोकल नाम कोड़िया गढ़ा, सामान्य नाम करैत व जन्तु वैज्ञानिक नाम (बुंगेरस सेरुलियस) है जो अक्सर रात होते ही शाम 6 बजे के बाद ही शिकार करने निकलता है उसकी लम्बाई मुझसे कम लगभग 3 से 4 फुट तक हो सकती है। हम दौनो सर्प भाई एक खतरनाक तेज न्यूरोटॉक्सिक जहर के मालिक भी है। भाइयों, अब हमारी कही एक बेहद जरूरी बात को आप लोग गाँठ बांधकर भी रख लो कि, हम सभी सर्प कभी भी अपने आप किसी को भी नही काटते है बस जब आप लोग वेवजह ही हमसे डरकर हमे ज्यादा परेशान करते है या जब भी हमें आपसे अपनी जान जाने का खतरा होता है तब ही हम अपनी आत्मरक्षा में आप लोगों को काट लेते है। लेकिन मुझे एक बड़ा ही दुःख यह भी है कि, हमारे काटने के बाद आप में से ही कुछ भोले भाले ग्रामीण लोग बेकार की झाड़ फूँक व तंत्र मंत्र या किसी तांत्रिक बाबा के चक्कर मे पड़कर अपने ही प्रिय परिजन का 20 से 25 मिनट का बेहद कीमती समय यूँ ही बर्बाद कर देते है फिर हमारे तेज न्यूरोटॉक्सिक जहर के उसके शरीर की छोटी बड़ी नसों में फैलने के बाद उसका होश में वापस आना बेहद ही मुश्किल होता है और फिर झाड़ फूँक के बाद एंटीवेनम इंजेक्शन लगाने में देरी होने की वजह से हमारे द्वारा काटे व्यक्ति की अन्ततः मौत भी हो जाती है। हम आपको यह बताना चाहते है कि,हमारे विष की काट सिर्फ और सिर्फ एंटीवेनम ही है
लेकिन लोगों को अभी भी झाड़ फूँक में ही विश्वास लगातार बना हुआ है जो कि एक व्यर्थ व जानलेवा कार्य है। देखा जाये तो पूरे भारतवर्ष मे सर्प दंश से कुल होने वाली मौतों (लगभग 50,000) में यूपी में सबसे ज्यादा मौत अनजाने में हम दोनों सर्पों के काटने से व उसके बाद आपकी अज्ञानता व सही इलाज के प्रति अंधविश्वास से ही हो रही है जो रुकनी चाहिये। लेकिन अब मैं आपको एक और जरुरी बात बताना चाहता हूँ कि, यूपी सरकार ने सर्पदंश को राज्य आपदा घोषित कर हमारे द्वारा काटने पर मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये की की आर्थिक सहायता की भी घोषणा पीड़ित परिवार के लिये कर दी है। अब जरा यह भी समझिये कि,जब आपके खेत मे या किसी खाली जगह में बने हमारे प्राकृतिक घरों में बरसात में या कभी भी पानी भरने लगता है तब हम किसी सूखी जगह की तलाश में भटक कर दिन या रात में आपके घर के दरवाजे तक भी आ जाते है फिर आप हमें अचानक से देखकर बस हमे मारने के बारे में ही सोचने लगते है अब इसमें हमारी भी कोई गलती नही है हम वहाँ क्यों आये यह भी हम नही बता पाते है क्यों कि हम सदियों से बेजुबान ही है। क्यों कि, हमारे देवाधिदेव महादेव ने हमे प्राकृतिक रूप से जहरीला ही बनाया है हमे जहर भी उपहार में दे दिया है लेकिन वह जहर या हमारे दाँत आपको काटने के लिये नही बल्कि ईश्वर ने अपना शिकार कर अपनी भूख शान्त करने के लिये हमे दिये है इसलिये मेरे भाइयों, हम सर्पों को भी आपकी ही तरह इस धरती पर जीने का अधिकार प्राप्त है कृपया हमे भी जीने दीजिये। हमारा धरती पर जीवित रहना बहुत जरूरी है क्यों कि, हम सभी छोटे बड़े सर्प आप लोगों की मदद ही करते है क्यों कि आपके घरों में आने वाले चूहों ,छिपकली व कीड़ो को खाकर प्राकृतिक संतुलन करते है साथ ही विशेष रूप से चूहों को खाकर हम आपकी महँगी कॉपी, किताब, महँगे कपड़े, महँगा अनाज का नुकसान होने से बचाते है व चूहों के द्वारा फैलने वाली प्लेग जैसी खतरनाक बीमारियों से भी आप सभी को बचाते है। और तो और हमारे विष से ही तो आपके इलाज का एंटीवेनम भी बनाय जाता है तो क्या अब भी यह सब जानकर आप हमें मारना चाहेंगे ? लेकिन अब यह भी जान लीजिये की यदि धरती पर हम सर्प जीवित न रहे तो तेजी से अपनी जनसंख्या बढ़ाने वाले शैतान चूहे व अन्य छोटे बड़े कीड़े आप इंसानों का भी जीना हराम कर देंगे। आज हम सभी सर्प वन्यजीव विशेषज्ञ व अपने शुभचिंतक मित्र व मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया के यूपी कोर्डिनेटर सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी का विशेष धन्यवाद भी करना चाहेंगे कि वे हम बेजुबानों की जुबान बनकर हमारी सभी बातों को
आप सभी तक लगातार ही पहुंचा रहे है व आप लोगो को जागरूक करने के साथ हमारे काट लेने के बाद का सही उपचार बताकर आप लोगो की व हमारी भी जान बचा रहे है।




























