उत्तरप्रदेश

रायबरेली में 93.46 प्रतिशत घरों तक नल जल कनेक्शन,सौ प्रतिशत लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ता जिला

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पेयजल संवाद में बड़ा मंथन हर घर जल और स्वच्छता मिशन को मिलेगी नई रफ्तार ||

जल जीवन मिशन 2.0 पर जोर जिलों को 100 प्रतिशत नल कनेक्शन लक्ष्य पूरा करने का निर्देश ||

डिजिटल मॉनिटरिंग से मजबूत होगा ग्रामीण जल प्रबंधन,‘पेयजल संवाद’ में बनी रणनीति ||

रायबरेली बना मिसाल 93 प्रतिशत घरों तक पहुंचा नल का जल,स्वच्छता में भी बड़ी उपलब्धि ||

‘जल अर्पण’ से ‘सुजलम भारत ऐप’ तक पेयजल संवाद में नवाचारों पर विशेष फोकस ||

रायबरेली :- पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS),जल शक्ति मंत्रालय,भारत सरकार द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सातवें जिला कलेक्टर्स ‘पेयजल संवाद’ का आयोजन किया गया | इस संवाद में वरिष्ठ अधिकारी,जिला कलेक्टर,डिप्टी कमिश्नर एवं मिशन निदेशक शामिल हुए जहां जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) Phase 2 के प्रभावी क्रियान्वयन को तेज करने तथा बेहतर प्रथाओं के आदान-प्रदान पर चर्चा हुई | इस संवाद की अध्यक्षता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक के.के.मीणा ने की | इस अवसर पर कमल किशोर सोअन,अतिरिक्त सचिव एवं मिशन निदेशक (राष्ट्रीय जल जीवन मिशन) तथा सुश्री ऐश्वर्या सिंह, संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक (SBM-G) सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे |

रायबरेली उत्तर प्रदेश की जिला अधिकारी हर्षिता माथुर ने जिले में जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामी (फेज 2)के तहत हुई प्रगति प्रस्तुत की उन्होंने बताया कि जिले ने लक्षित घरों में से 93.46 प्रतिशत तक नल जल कनेक्शन प्रदान कर दिए हैं और 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में निरंतर कार्य जारी है उन्होंने यह भी बताया कि शिकायत निवारण एवं नागरिक सहभागिता के लिए जिले में जल सारथी मोबाइल ऐप का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है जिससे नागरिक जल आपूर्ति से संबंधित समस्याओं की तुरंत सूचना दे सकते हैं |

स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (फेज 2)के अंतर्गत रायबरेली जिले ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं | जिले में 10 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट्स (FSTPs) संचालित हैं तथा वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के लिए मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटीज (MRFs) का संचालन किया जा रहा है |

अपने संबोधन में सचिव DDWS अशोक के.के.मीणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न पर जोर दिया जिसके तहत हर ग्रामीण परिवार को सुरक्षित नल का जल उपलब्ध कराना और गांवों में स्वच्छता सुनिश्चित करना लक्ष्य है उन्होंने ‘पेयजल संवाद’ को नवाचारों के आदान-प्रदान का एक प्रभावी मंच बताया उन्होंने आगे कहा कि अब जल जीवन मिशन के तहत फंडिंग को जल आपूर्ति योजनाओं की कार्यक्षमता और प्रदर्शन से जोड़ा गया है उन्होंने “जल अर्पण” पहल का उल्लेख किया जिसके तहत 15 दिनों के ट्रायल रन के बाद जल आपूर्ति परिसंपत्तियों को ग्राम पंचायतों को सौंपा जाता है | इसके साथ ही उन्होंने “जल सेवा आंकलन” प्रणाली की जानकारी दी जो उपभोक्ताओं और ग्राम पंचायतों को जल सेवा की गुणवत्ता का स्वयं मूल्यांकन करने में सक्षम बनाती है |

डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत बनाने के लिए “सुजला गांव आईडी” और “सुजलम भारत ऐप” के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर जल परिसंपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने पर भी जोर दिया गया उन्होंने जिला अधिकारियों से इन पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन,हर घर जल प्रमाणन में तेजी,संचालन एवं रखरखाव (O&M) नीतियों के सख्त पालन तथा ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने का आह्वान किया | यह संवाद उत्तर प्रदेश सहित देशभर के जिलों में पेयजल और स्वच्छता के क्षेत्र में नवाचार,पारदर्शिता और जनभागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है ||

Sallauddin Ali

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