संतों ने दिखाया विश्व को सत्य और एकता का मार्ग, यूपी महामेला में गूंजे भक्ति के स्वर

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में ‘एक शाम वसणशाह के नाम’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन ||
बाबा साई कालीराम के भजनों से भक्तिमय हुआ वाराणसी,श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ ||
यूपी महामेला में सिंधी संस्कृति की झलक,श्रद्धालुओं ने पहनी ‘जय वसणघोट’ टोपी ||
प्रयागराज में होगा अगला यूपी महामेला,संतों के सानिध्य में संपन्न हुआ भव्य आयोजन |
वाराणसी :- संतो ने ही देश व दुनिया को सत्य व एकता का मार्ग दिखाया है आज के युवाओ मे धर्म के प्रति आस्था व विश्वास बड़ा है | यह बाते संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मे अयोजित एक दिवसीय एक शाम वसणशाह के नाम यूपी महामेला मे महाराष्ट्र के शहर उल्लासनगर से आए साई वसणशाह दरबार के गादीनशीन बाबा साई कालीराम ने कही और भोले की नगरी मे आकर,वो है अलबेला मदनैनो वाला,आयो लाल झूलेलाल आदि भजनो को प्रस्तुत किया शनिवार की रात्रि मे विश्वविद्यालय मे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत हुए साई कालीराम ने सिंधी,हिंदी भजनो व सूफी कलामो से श्रदालुओ को आशीर्वाद दिया |
यूपी महामेला का शुभांरभ संतो व भगवान शंकर और झूलेलाल के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप जलाकर और आरती कर किया | प्रवक्ता ओमप्रकाश ओमी ने बताया कि महामेला मे प्रदेश के विभिन्न शहरो से श्रदालु शामिल हुए सभी ने सिर पर सिंधी टोपी पहनी हुई थी जिसपर जय वसणघोट लिखा था | ओमी ने बताया कि साई कालीराम ने तीसरा यूपी महामेला प्रयागराज में आयोजित करने की घोषणा की महामेला कार्यक्रम मे आगमन होने पर साई का राजस्थान की मशहूर सिंधी ढोल शहनाई ध्वनि से सिंधी समाज ने स्वागत किया महामेला का समापन पल्लव व अरदास के साथ हुआ ||


















