वाराणसी/उत्तरप्रदेश

संघर्ष से सफलता तक बृजेश अकोल बने नायब तहसीलदार,रच दी मिसाल

IMG-20260127-WA0039
previous arrow
next arrow

जिम्मेदारियों के बीच नहीं टूटा हौसला, बृजेश ने हासिल की 249वीं रैंक ||

मध्यमवर्गीय परिवार का बेटा बना अफसर,बृजेश की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा ||

नौकरी के साथ पढ़ाई,संघर्ष के साथ सफलता बृजेश अकोल की शानदार उड़ान ||

सपनों को नहीं होने दिया धुंधला,बृजेश बने नायब तहसीलदार ||

(संतोष कुमार सिंह )

आगरा /वाराणसी :- गुम्मट तख्त पहलवान देवरी रोड आगरा के रहने वाले बृजेश अकोल की कहानी संघर्ष, जिम्मेदारी और सपनों की एक प्रेरणादायक मिसाल है एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे बृजेश,अपने पिता राकेश अकोल और माँ मंजू देवी के चार बच्चों में सबसे बड़े बेटे हैं और इसी वजह से बचपन से ही उनके कंधों पर परिवार की जिम्मेदारियाँ भी आ गई थीं | साल 2023 में उन्होंने दूरदर्शन केंद्र में स्थित पत्र सूचना कार्यालय वाराणसी में एमटीएस के पद पर कार्यभार संभाला | यह उनके जीवन की पहली बड़ी उपलब्धि थी लेकिन उनके सपनों की उड़ान इससे कहीं आगे तक थी | नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी धुंधला नहीं होने दिया | कई कठिनाइयों,त्याग और अनगिनत संघर्षों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी |

आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग 2024 की परीक्षा में 249वीं रैंक हासिल कर उन्होंने नायब तहसीलदार का प्रतिष्ठित पद प्राप्त किया यह सिर्फ एक नौकरी नहीं,बल्कि उनके परिवार के सपनों का साकार होना था | आज बृजेश की सफलता हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला रखता है उनकी कहानी यह सिखाती है कि अगर इरादे मजबूत हों,तो कोई भी मुश्किल रास्ता मंजिल तक पहुंचने से रोक नहीं सकता ||

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button