विश्व ऑटिज्म दिवस पर सान्वी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर,35 बच्चों की हुई जांच

बच्चों में बढ़ता स्क्रीन टाइम बना चिंता का विषय,डॉक्टरों ने दी अहम सलाह ||
ऑटिज्म जागरूकता के लिए सान्वी हॉस्पिटल की पहल,बच्चों के विकास पर हुआ विशेष परीक्षण ||
समय पर पहचान और सही पोषण से सुधर सकता बच्चों का विकास विशेषज्ञ ||
विश्व ऑटिज्म दिवस पर स्वास्थ्य शिविर, डॉक्टरों ने अभिभावकों को किया जागरूक |
वाराणसी:- सान्वी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में विश्व ऑटिज्म दिवस के अवसर पर चार अप्रैल शनिवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया | इस शिविर का संचालन बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.एस.के.तिवारी एवं एनोरेक्टल सर्जन डॉ.शर्मिला तिवारी द्वारा किया गया | शिविर में 2 वर्ष से 12 वर्ष तक के लगभग 35 बच्चों की स्क्रीनिंग एवं संपूर्ण स्वास्थ्य जांच की गई | इस दौरान बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास का विशेष रूप से मूल्यांकन किया गया |
इस अवसर पर डॉ.एस.के.तिवारी ने बच्चों के विकास पर मोबाइल के अत्यधिक उपयोग के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी उन्होंने बताया कि ज्यादा स्क्रीन टाइम के कारण कई बार बच्चों में ऑटिज्म जैसे लक्षण,अत्यधिक सक्रियता (हाइपरएक्टिविटी),ध्यान की कमी (इनअटेंशन) तथा आंख से आंख मिलाकर संपर्क (आई कॉन्टैक्ट) में कमी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं उन्होंने ऑटिज्म एवं हाइपरएक्टिविटी के मामलों में समय रहते पहचान और प्रारंभिक हस्तक्षेप (अर्ली इंटरवेंशन) को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया |
डॉ.शर्मिला तिवारी ने बच्चों के समुचित विकास में पोषण की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया कि विटामिन -डी एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स) की कमी भी बच्चों के विकास को प्रभावित कर सकती है उन्होंने परिवार की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ऑटिज्म एवं अन्य विकास संबंधी समस्याओं से जूझ रहे बच्चों के देखभाल और उनके समुचित विकास में परिवार का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण होता है | परिवार का सकारात्मक वातावरण बच्चों के मानसिक एवं सामाजिक विकास को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होता है | शिविर के सफल आयोजन पर अस्पताल प्रबंधन ने सभी अभिभावकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया ||


















