‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ के नाम से संप्रभुता एवं विकास संबंधी दृष्टि-पत्र जारी, स्वतंत्रता की मांग दोहराई

AIRA NEWS NETWORK
NEW DELHI | 15 जुलाई 2026
‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ के नाम से संप्रभुता एवं विकास संबंधी दृष्टि-पत्र जारी, स्वतंत्रता की मांग दोहराई
नई दिल्ली। “The Republic of Balochistan” शीर्षक से एक दस्तावेज़ जारी किया गया है, जिसमें बलूचिस्तान की संप्रभुता, प्राकृतिक संसाधनों पर बलोच समुदाय के अधिकार तथा स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में विकास की परिकल्पना प्रस्तुत की गई है।
दस्तावेज़ में दावा किया गया है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों पर ऐतिहासिक, कानूनी एवं नैतिक अधिकार बलोच राष्ट्र का है। इसमें पाकिस्तान की नीतियों, सैन्य भूमिका तथा चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) के माध्यम से संसाधनों के दोहन के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही यह कहा गया है कि बलोच जनता अपने संसाधनों, आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था एवं विदेश नीति का स्वतंत्र रूप से संचालन करने में सक्षम है।

दस्तावेज़ में यह भी दावा किया गया है कि बलोचिस्तान के अधिकांश क्षेत्र पर स्थानीय बलोच समूहों का नियंत्रण है तथा पाकिस्तान की सेना की गतिविधियाँ सीमित हो गई हैं। इसके अतिरिक्त, इसमें पश्तून समुदाय तथा पाकिस्तान-प्रशासित जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों के समर्थन का भी उल्लेख किया गया है।
अंत में दस्तावेज़ में भारत एवं अफ़ग़ानिस्तान सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूचिस्तान की स्वतंत्रता को मान्यता देने तथा क्षेत्र में शांति, विकास एवं समृद्धि के समर्थन की अपील की गई है।
नोटिस:
AIRA News Network इस दस्तावेज़ में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। यह समाचार जारी किए गए दस्तावेज़ की सामग्री पर आधारित है। बलूचिस्तान की राजनीतिक एवं संवैधानिक स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित एवं संवेदनशील विषय है, और इस संबंध में विभिन्न पक्षों के अलग-अलग दृष्टिकोण हैं।


















