मोक्षदायिनी काशी में अंतिम संस्कार व्यवस्था को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक नई पहल

वाराणसी की मोक्षदायिनी काशी में अंतिम संस्कार व्यवस्था को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक नई पहल की है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र महाश्मशान घाट पर अब शवों का निश्शुल्क कंप्यूटरीकृत पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर हरिश्चंद्र घाट पर इस व्यवस्था का शुभारंभ महापौर अशोक कुमार तिवारी ने किया। यहां पहली डिजिटल शवदाह पर्ची (पंजीकरण संख्या: 2026-HARI-00001) सोनभद्र निवासी 18 वर्षीय लवकुश शर्मा के नाम जारी की गई, जिसमें क्यूआर कोड भी शामिल है ताकि डाटा पूरी तरह सुरक्षित रहे।
महापौर ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी प्रकार का शुल्क लेना नहीं, बल्कि घाटों पर होने वाले दाह संस्कारों का सटीक और वास्तविक आंकड़ा जुटाना है। अब दोनों महाश्मशान घाटों पर आने वाले प्रत्येक शव का नाम, पता और आयु जैसी बुनियादी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी, जिससे नगर निगम के पास एक विश्वसनीय डाटाबेस तैयार होगा और भविष्य की शहरी योजनाओं में मदद मिलेगी। पंजीकरण पूरी तरह निश्शुल्क होगा और इससे मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी।
इसके लिए कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में 24 घंटे तैनाती की गई है। नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में यह व्यवस्था शहर के मुस्लिम और ईसाई समाज के लिए चिह्नित 12 बड़े कब्रिस्तानों में भी लागू की जाएगी। कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षदों समेत नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


















