उत्तराखंड
मेढ कुल आदि पुरुष श्री श्री 1008 हस्तिनापुर नरेश अजमीढ जी महाराज की मनाई गई जयंती

धामपुर (अमित शर्मा ) धामपुर स्थित मोहल्ला खतियान स्थित सुनारों वाले शिव मंदिर मेढ सभा में गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी महिलाओं द्वारा महाराज अजमीढ जी की जयंती हर्ष उल्लास के साथ मनाई गई
पौराणिक अनु श्रुतियों के अनुसार त्रेता युग के चंद्रवंश की 28वीं पीढ़ी के शिरोमणि महाराजा अजमीढ जी ने हस्तिनापुर पर राज्य किया मैढ जाति के स्वर्णकार इन्हें अपना आदि पुरुष तथा अपना पूर्वज मानते हैं
इस अवसर पर महाराज अजमीढ जी की प्रतिमा पर माल्या अर्पण कर उनके सम्मुख नरेश वर्मा तथा उमा वर्मा वे दीपमाला वर्मा सरोज शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया।

इसके उपरांत उमा वर्मा द्वारा महाराज अजमीढ जीके जीवन परिचय पर विस्तृत विचार व्यक्त किया तथा उन्होंने बताया कि महापुरुषों के बताए मार्ग का अनुसरण किया बिना कोई भी समाज सफल नहीं हो सकता क्योंकि दिव्य पुरुष एवं महापुरुषों को किसी भी जाति बंधन में नहीं बांधा जा सकता अतः हम सभी धर्म और जातियों को आपस में मिलकर तथा प्रेम भाव और सद्भावना का वातावरण हर हाल में बनाए रखना चाहिए तथा समाज के उत्थान में अपना विशेष योगदान देना चाहिए तभी हम उज्जवल भारत का निर्माण कर सकते हैं
इस अवसर पर महिलाओं द्वारा सुंदर-सुंदर भजनों का गायन किया गया जिसमें नीलम वर्मा नेहा वर्मा ज्योति वर्मा दीपमाला वर्मा सरोज शर्मा प्रेमवती उमा वर्मा सुमन वर्मा शशि वर्मा दीपा वर्मा नीलम वर्मा बीना वर्मा तथा अन्य महिलाएं उपस्थित रही और वातावरण को भक्ति में बनाया
कार्यक्रम का आयोजन नरेश वर्मा द्वारा किया गया तथा अंत में प्रसाद वितरित किया गया


















