महज़ सिद्धांत नहीं, प्रतिबद्धता का मानक है मानवाधिकार: प्रो. अजेंद्र

मानवाधिकार दिवस पर एसएमएस लॉ कॉलेज में आयोजित हुआ विशेष व्याख्यान
वाराणसी, 10 दिसंबर: एस.एम.एस. लॉ कॉलेज में राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर एकदिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित बी.एच.यू. के विधि विभाग के प्रोफेसर अजेंद्र श्रीवास्तव ने “सार्वभौमिक मानवाधिकार के पचहत्तर वर्ष” विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल सिद्धांतों का एक समूह मात्र नहीं बल्कि यह दुनिया के सभी देशों के लिए सामान्य मानक है जो मानवीय गरिमा और न्याय के प्रति साझा प्रतिबद्धता को बढ़ावा देता है। इस दौरान प्रो. श्रीवास्तव ने मानव अधिकार और कानूनी अधिकारों के बीच अंतर की बारीकियों को भी विद्यार्थियों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि ये अधिकार जाति, धर्म, लिंग, पंथ की सीमाओं से परे सार्वभौमिक और अविभाज्य है। मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए एस.एम.एस. लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मानवाधिकार दिवस सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं है; यह अधिकारों के प्रति सजगता का आह्वान है। युवाओं को न केवल कानूनी ज्ञान बल्कि मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय के प्रति जिम्मेदारी की गहरी भावना पैदा करने के लिए भी यह दिन महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रोफेसर अंकित राय व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आश्रया दूबे ने किया।


















