बीटीसी के युवा राजनेता पृथ्वीराज नारायण देव मेच ने किया बीटीसी चुनावों पर एक राजनीतिक सर्वेक्षण। सर्वे में हाग्रामा की बीपीएफ दल पहले स्थान पर ।

बीटीसी के युवा राजनेता पृथ्वीराज नारायण देव मेच ने किया बीटीसी चुनावों पर एक राजनीतिक सर्वेक्षण। सर्वे में हाग्रामा की बीपीएफ दल पहले स्थान पर ।
पंकज नाथ, असम, 11 जुलाई :
असम के बीटीसी (बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल) क्षेत्र के एक उल्लेखनीय राजनीतिक व्यक्ति हैं पृथ्वीराज नारायण देव मेच। 2020 में हुए तीसरे बोडो शांति समझौते के मध्यस्थ पृथ्वीराज नारायण देव मेच 2025 से बीटीआर (BTR) क्षेत्र में सक्रिय रूप से राजनीति कर रहे हैं और बीटीसी प्रमुख प्रमोद बोड़ो के खिलाफ समय-समय पर कड़ी आलोचना और आरोप लगाते रहे हैं। पृथ्वीराज नारायण देव मेच ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भी राजनीति में भाग लिया है। वे विशेष रूप से बीटीआर क्षेत्र में हुई हिंसा, विकास कार्यों के वितरण और बीटीसी प्रशासन के विभिन्न फैसलों पर सरकार और मुख्य कार्यकारियों के खिलाफ खुलकर बोलते आए हैं। मई 2025 में उन्होंने बीटीआर प्रमुख प्रमोद बोड़ो पर आरोप लगाते हुए कहा था कि बीटीआर क्षेत्र में हुई हिंसा में शामिल नेताओं के साथ प्रमोद बोड़ो सरकार चला रहे हैं। हाल के समय में बीटीसी क्षेत्र के राजनीतिक माहौल में पृथ्वीराज नारायण देव मेच की सक्रियता और टिप्पणियां मीडिया में काफी चर्चित रही हैं। इस बार 2025 में होने वाले बीटीसी चुनाव को लेकर भी बीटीसी के युवा राजनीतिक नेता पृथ्वीराज नारायण देव मेच ने टिप्पणी की है। पृथ्वीराज नारायण देव मेच ने आगामी बीटीसी चुनाव को लेकर मीडिया के सामने एक राजनीतिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया है। उन्होंने यह भी बताया कि कौन सी राजनीतिक पार्टी कितनी सीटें जीत सकती है। उनके सर्वेक्षण के अनुसार, आगामी बीटीसी चुनाव में हाग्रामा मोहिलारी की बीपीएफ (BPF) पार्टी 16 सीटें जीतकर पहले स्थान पर रहेगी। 12-13 सीटों के साथ सत्तारूढ़ भाजपा पार्टी दूसरे स्थान पर रहेगी। प्रमोद बोड़ो की यूपीपीएल (UPPL) पार्टी को 9 सीटें, कांग्रेस को 1 सीट, जीएसपी को 0-1 सीट और एपीबी को 0-1 सीटें मिलने की संभावना है। इस तरह पृथ्वीराज नारायण देव मेच ने आगामी बीटीसी चुनाव का सर्वेक्षण प्रस्तुत कर एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। अब आगे समय बताएगा कि उनके इस सर्वेक्षण के नतीजे चुनाव परिणामों से कितने मेल खाते हैं, इस पर बीटीसी के जागरूक नागरिकों की नजर बनी हुई है।



















