‘अपराधियों की जाति देखकर हो रही कार्रवाई’:लखनऊ में स्वामी प्रसाद मौर्य बोले- 4 मई को करेंगे विरोध प्रदर्शन

लखनऊ में अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में कानून का इस्तेमाल जाति के आधार पर किया जा रहा है। उनका आरोप है कि एससी, एसटी और ओबीसी समाज के लोगों के खिलाफ भेदभावपूर्ण कार्रवाई की जा रही है।
‘पिछड़ों का होता है एनकाउंटर’
स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाते हुए कि सरकार पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के लोगों का ‘हाफ एनकाउंटर’ या ‘फुल एनकाउंटर’ करवा रही है, जबकि फॉरवर्ड क्लास के अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गाजीपुर की बेटी का बलात्कार और हत्या कांड उदाहरण है।
पीड़िता के साथ दरिंदगी करके हत्या करने वालों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई बताएं। अब एनकाउंटर क्यों नहीं हो रहा है या फिर बुलडोजर क्यों शांत हो गया। करवाई तो दूर की बात है अपराधियों का कोई सुराग तक नहीं मिला।
‘प्रतापगढ़ में आरोपियों खुले आम घूम रहे हैं’
उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ के मानिकपुर में 19 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई यहां भी पीड़िता को न्याय दिलाने में शासन – प्रशासन और सरकार सब फेल रहे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून रेत का किला साबित हो रहा है। कोई मजबूती नहीं है , अपराधियों के ऊपर कोई लगाम नहीं। मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार मजबूत कानून व्यवस्था का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है।
4 मई को प्रदर्शन का आवाहन
स्वामी प्रसाद ने आरोप लगाते हुए कहा कि कानपुर और मुरादाबाद जैसे मामलों में मामूली आरोपों पर दलितों और पिछड़ों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होती है। जबकि गंभीर अपराध करने वालों पर सरकार नरमी बरतती है।
उन्होंने प्रशासन को 24 घंटे की मोहलत देते हुए चेतावनी दी कि अगर गाजीपुर के दोषियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो 4 मई को बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और समान कानून व्यवस्था की लड़ाई बताया।


















