बाबा साहेब के विचार आज भी जिंदाहरिश्चंद्र महाविद्यालय में आयोजित हुई बाबा साहेब के परिणिर्वाण दिवस पर एक दिवसीय संगोष्ठी-

वाराणसी : , बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर के 67वें परिनिर्वाण दिवस पर हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ l संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो0 रजनीश कुंवर ने कहा कि बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर का संपूर्ण जीवन ही नैतिकता और मूल्यों पर आधारित था। आज भारतीय संविधान विश्व में सबसे मजबूत व समाज के पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा करता है। बाबा साहेब के मूल्य आधारित विचारों को रेखांकित करते हुए प्रो0 सिंह ने कहा कि समाज में विश्वास व बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय, की अवधारणा को मूर्त रूप देना इस विराट शख़्सियत के महानतम योगदान की बानगी है। संगोष्ठी का संचालन करते हुए वरिष्ठ प्रोफेसर पंकज सिंह ने कहा कि नैतिकता और जनसाधारण के सरोकारों से तादात में स्थापित करने के कारण आज बाबा साहेब और उनके विचार प्रासंगिक बने हैं और हमेशा बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के संघर्ष और उनकी दूरदृष्टि इस बात का द्योतक है कि सही मंशा से किया गया कार्य व्यक्ति को महानता की श्रेणी में ला खड़ा करता है।
संगोष्ठी में आए लोगों का स्वागत डॉ0 राम आशीष व धन्यवाद ज्ञापन अमित कुमार ने किया l इस अवसर पर प्रो0 विश्वनाथ वर्मा, प्रो0 सुबोध कुमार सिंह, प्रो0 रागिनी श्रीवास्तव, प्रो0 जगदीश सिंह प्रो0 अनुपम शाही, सुश्री दिव्यानी बरनवाल, सुश्री गरिमा सिंह, समेत सभी शिक्षक, कर्मचारीगण, व विद्यार्थी उपस्थित रहे l


















