वाराणसी/उत्तरप्रदेश

नूतन साहित्यकार परिषद द्वारा महान कथाशिल्पी फणीश्वरनाथ रेणु को दी गई श्रद्धांजलि

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वाराणसी /मुजफ्फरपुर:- साहित्य भवन कांटी के प्रांगण में नूतन साहित्यकार परिषद के तत्वावधान में प्रसिद्ध साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु की पुण्यतिथि पर एक विशेष साहित्यिक गोष्ठी एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया | इस अवसर पर क्षेत्र के साहित्यकारों और प्रबुद्धजनों ने रेणु जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया | कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ ) डॉ.आनंद कुमार विभूति विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। साथ में श्री शांति मुकूल पीडब्ल्यूडी अपने संबोधन में डॉ.विभूति ने कहा कि रेणु जी ने हिंदी साहित्य को ‘मैला आंचल’ जैसी कालजयी रचना देकर आंचलिकता को एक नई पहचान दी | उनकी लेखनी में मिट्टी की सोंधी महक और ग्रामीण जीवन का यथार्थ झलकता है जो आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक है |

श्रद्धांजलि
उपस्थित वक्ताओं ने रेणु जी की रचनाओं जैसे ‘तीसरी कसम’, ‘पहलवान की ढोलक’ और ‘लाल पान की बेगम’ के माध्यम से उनके साहित्यिक अवदानों को याद किया |

साहित्यिक चर्चा
वक्ताओं ने चर्चा की कि किस प्रकार रेणु जी ने ग्रामीण समाज की कुरीतियों,संघर्षों और मानवीय संवेदनाओं को अपनी लेखनी का आधार बनाया | कार्यक्रम की अध्यक्षता राकेश कुमार वरिष्ठ पत्रकार एवं परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने की जिसमें स्थानीय कवियों और साहित्य प्रेमियों ने अपनी कविताओं और संस्मरणों के जरिए रेणु जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की |

परिषद के सदस्यों ने अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया और समाज में भाषाई एवं सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया ||

Sallauddin Ali

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