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निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने करनाल कलस्टर की ली समीक्षा बैठक

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निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने करनाल कलस्टर की ली समीक्षा बैठक

सफाई व्यवस्था हो सवोच्च प्राथमिकता, कार्यकारी अभियंता कूड़ा निस्तारण प्रक्रिया पर रखें पूर्ण निगरानी, शहर को निराश्रित पशुओं से करें मुक्त।

एजेंसी प्रतिनिधियों को दिए निर्देश- प्री-सीओडी वेस्ट की एक माह में करें प्रोसेसिंग, पृथक्करण कचरा करें एकत्रित।

एस आर योगी
जिला ब्यूरो
आईरा न्यूज नेटवर्क

करनाल 30 दिसंबर, स्वच्छता रैंकिंग में करनाल को देश के शीर्ष स्वच्छ शहरों में लाने के लक्ष्य तथा ठोस अपशिष्टï के निस्तारण को लेकर नगर निगम आयुक्त एक्शन मोड में काम कर रहे हैं। सोमवार को कलस्टर हैड एवं नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने इस विषय को लेकर करनाल कलस्टर की मासिक समीक्षा बैठक कर नगर निगम व नगर पालिका अधिकारियों तथा सुगम स्वच्छता एजेंसी को निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि कूड़ा मुक्त शहर की रेटिंग को लेकर इस बार 5 स्टार रेटिंग तथा वाटर प्लस हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वच्छ सर्र्वेक्षण 2024 के सभी पैरामीटर्स पर बारिकी से काम किया जाए, कोई भी बिन्दू छूटना नहीं चाहिए।
शहर की सफाई हो सवोच्च प्राथमिकता- उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए। उन्होंने निगम अधिकारियों तथा नगर पालिका सचिवों से कहा कि कार्यालय आते समय शहर की साफ-सफाई को चेक किया जाए। इसके लिए शहरवासियों से भी बात की जाए, कोई समस्या सामने आए तो उसका समाधान करवाया जाए। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर से बेहतर किया जाए।
कूड़े को पृथक्करण करने पर दिया जोर- हर घर से गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्र किया जाए, आज की समीक्षा बैठक में निगमायुक्त ने फिर से जोर दिया गया। उन्होंने एजेंसी प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वह अपनी एक्सपर्ट टीम को फील्ड में रखें, ताकि नागरिकों को अलग-अलग कूड़ा देने के लिए लगातार जागरूक करते रहें। उन्होंने नगर निगम के मोटीवेटरों को भी निर्देश दिए कि वह शहर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां चलाएं। उन्होंने कहा कि इस कार्य को एक मुहिम में लेकर किया जाए, तभी सार्थक परिणाम सामने आएंगे। प्लांट में मेरठ रोड के साथ लगते क्षेत्र में पेड़-पौधे लगाने के भी निर्देश दिए, ताकि प्लांट में हरियाली बनी रहे और आने-जाने वाले लोगों को गंदगी दिखाई न दें।
कूड़ा उठान को लेकर टोल फ्री नम्बर पर कर सकते हैं शिकायत- समीक्षा के दौरान उन्होंने जानकारी दी गई कि कूड़ा उठाने को लेकर नागरिक को कोई शिकायत है, तो वह उक्त एजेंसी के टोल फ्री नम्बर- 1800 891 1863 के साथ-साथ नगर निगम के टोल फ्री नम्बर-1800 180 2700 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त नागरिक, स्वच्छ हरियाणा एप व स्वच्छता एप पर भी ऑनलाईन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
कार्यकारी अभियंता करें निगरानी- निगमायुक्त ने कार्यकारी अभियंता प्रियंका सैनी को निर्देश दिए कि ठोस अपशिष्टï प्रबंधन संयंत्र पर होने वाली कूड़ा निस्तारण प्रक्रिया पर निरंतर अपनी निगरानी बनाकर रखें। उन्होंने इसके लिए रोजाना आने वाले कूड़े-कचरे की प्रोसेसिंग, बायो कल्चर स्प्रे, विंड रो तथा सीसीटीवी कैमरा की मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने इन बिन्दूओं की रोजाना रिपोर्ट लेने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त वहां कार्यरत कर्मचारी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं, इसका भी ध्यान रखा जाए। इसके लिए उन्होंने एजेंसी प्रतिनिधियों को भी निर्देश दिए।
प्री-सीओडी वेस्ट की एक माह में करें प्रोसेसिंग- उन्होंने बैठक के हवाले से बताया कि प्री-सीओडी वेस्ट यानि एजेंसी को वंर्क ऑर्डर जारी होने के बाद और ठोस अपशिष्टï प्रबंधन संयंत्र के वाणिज्यिक संचालन की तिथि के दौरान करीब 45 हजार मीट्रिक टन कचरा प्लांट पर एकत्रित हो गया था। इसमें से करीब 35 हजार मीट्रिक टन कचरे की प्रोसेसिंग पूरी हो चुकी है। उन्होंने एजेंसी प्रतिनिधियों को निर्देश देते कहा कि शेष कचरे की प्रोसेसिंग को एक माह यानि जनवरी अंत तक पूरा करें। इस पर एजेंसी प्रतिनिधि ने बताया कि इसके लिए प्लांट में बेलेस्टिक सेप्रेटर मशीन लग चुकी है। इस कार्य को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
9 यूएलबी से आ रहा कचरा- उन्होंने बताया कि प्लांट में कचरा निस्तारण का कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि प्लांट में असंध को छोडक़र करनाल जिला की 6 यूएलबी तथा कुरुक्षेत्र, शाहबाद व लाडवा सहित कुल 9 यूएलबी का करीब 450 मीट्रिक टन रोजाना कचरा आता है, जिसका निस्तारण किया जा रहा है। इस कार्य में 100, 35, 16 व 4 एमएम की ट्रोमल मशीने कार्य में लगी हुई हैं। सौ एमएम की एक अतिरिक्त ट्रोमल मशीन एम.आर.एफ. सेंटर में लगी हुई है।
जैविक खाद का करें प्रयोग- उन्होंने प्लांट में बनने वाली जैविक खाद के प्रयोग को लेकर भी कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए कि इसे शहर की ग्रीन बेल्ट व पार्कों में इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने बताया कि इसके प्रयोग से पेड़-पौधों का अच्छा विकास होता है।
शहर को निराश्रित पशुओं से करें मुक्त- बैठक में उन्होंने उप निगम आयुक्त एवं नगर पालिका सचिवों को निर्देश दिए कि शहर को निराश्रित पशुओं से मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे, मुख्य मार्ग, वाणिज्यिक क्षेत्र तथा सेक्टर इत्यादि क्षेत्रों में ज्यादा फोकस रखा जाए। इसके लिए उन्होंने एक अभियान के रूप में कार्य करने को कहा। उप निगमायुक्त ने बैठक में बताया कि माह नवंबर व दिसंबर में अब तक करीब 400 निराश्रित पशुओं को पकडक़र फूसगढ़ स्थित गौशाला में भेजा गया है।
बैठक में उप निगम आयुक्त अशोक कुमार, एक्सईएन प्रियंका सैनी, करनाल जिला के नगर पालिका सचिव तथा सुगम स्वच्छता एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कुरूक्षेत्र व कैथल नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी तथा नगर पालिका सचिव विडियो काँफ्रैंस के जरिए बैठक से जुड़े।

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