बिजनौर-उत्तरप्रदेश

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार न करने, योजना के क्रियान्वयन के बारे में उदासीनता बरतने तथा समयपूर्वक बैठक का आयोजन न कराने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियो की प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज कराने के दिए निर्देश

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जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार न करने, योजना के क्रियान्वयन के बारे में उदासीनता बरतने तथा समयपूर्वक बैठक का आयोजन न कराने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियो की प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज कराने के दिए निर्देश

BIJNOR- 24 JULY, 2023

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार न करने, योजना के क्रियान्वयन के बारे में उदासीनता बरतने तथा समयपूर्वक बैठक का आयोजन न कराने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियो की प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि शासकीय योजनाओं एवं जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में किसी भी प्रकार की कोताही अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानबुन्धुओं के हितार्थ संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करते हुए उनकी आय में वृद्वि करना और उनकी फसलों के नुकसान की भरपाई करना है।
जिलाधिकारी श्री मिश्रा आज दोपहर 12ः30 बजे स्थानीय कलेक्ट्रेट सभागार में भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित कृषि विभाग के तत्वाधान आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि उक्त योजना के अन्तर्गत फसली ऋण लेने वाले किसान जिनकी फसल ऋण की सीमा को स्वीकृत किया गया हो अथवा ऋण वितरित किया गया हो, वह किसान फसल बीमा के लिए पात्र होंगे जबकि ऋणी कृषकों के लिए यह योजना पूर्णतः स्वेच्छिक है। उन्होंने बताया कि ऐसे ऋणी किसान जो योजना से अलग होना चाहते हैं, उनके अलग होने के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 24 जुलाई,23 निर्धारित है। उन्होंने उक्त योजना का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार न करने के कारण कृषि विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के प्रति आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कर्जदार किसान जो उक्त योजना से स्वयं को अलग करना चाहते हैं, यदि उन्होंने सूचना के अभाव में निर्धारित तिथि तक खुद को अलग करने के लिए संबंधित बैंक, जन सेवा केन्द्र, भारत सरकार के निर्धारित पोर्टल या क्रियान्वयक अभिकरण के अधिकृत बीमा मध्यस्थ/कार्यालय में कार्यवाही नहीं की तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि देश-प्रदेश के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनकी आय में वृद्वि करने के अपने वादे के प्रति कटिबद्व है और उनके कल्याणार्थ अनेक योजनाओं का संचानल कर उनकी सहायता के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी किसानों को उनकी फसल के नुक़सान की भरपाई करने के लिए लागू की गई है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल को होने वाले नुक़सान की भरपाई कर किसनों को होने वाले आर्थिक नुकसान से सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उक्त योजना का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें और बीमा सहित किसानों के हितार्थ संचालित कृषि योजनाआंे एवं कार्यक्रमों का भरपूर लाभ पहंुचाना सुनिश्तिच करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिला बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर जिलाधिकारी द्वारा लाभार्थी किसानों को चने व मूंग आदि के बीज प्रदान किए गए।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र, जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया, जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक वी0के0 बंसल, डीडीएम नार्बाड सहित बैंक व बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि, किसान बन्धु मौजूद थे

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