गौवंशों की दुर्दशा पर उठे सवाल – लेकिन क्या हुई कोई कार्यवाही?
🐄 गौवंशों की दुर्दशा पर उठे सवाल – लेकिन क्या हुई कोई कार्यवाही?
गौशालाओं में लापरवाही का पर्दाफाश तो हुआ… पर क्या अब जवाबदेही तय होगी?
📍 जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश
🗓️ तिथि: 13 जुलाई 2025 (अपडेट रिपोर्ट)
🗞️ AIRA News Network
📸 बीमार, भूखी, दम तोड़ती गायें — कैमरे में क़ैद हुई सच्चाई
AIRA News Network द्वारा उजागर की गई स्थानीय गौशालाओं की भयावह स्थिति ने प्रशासनिक दावों और “गौसेवा” की हकीकत को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है —
“क्या अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी या समिति पर कार्यवाही हुई?”
“क्या इन गौशालाओं की ऑडिट कराई जाएगी?”
“क्या जनता को बताया जाएगा कि गौमाता के नाम पर मिला फंड कहाँ गया?”
❗ अब तक की स्थिति:
- 📌 राज्य मानवाधिकार आयोग ने शिकायत पर संज्ञान जरूर लिया है।
- 📌 पशुपालन विभाग, गौसेवा आयोग, और राज्य पशु कल्याण बोर्ड को पत्र भेजा गया है।
- 📌 स्थानीय प्रशासन ने अब तक कोई खुली सार्वजनिक रिपोर्ट जारी नहीं की है।
🧾 हमारी माँगें (AIRA News Editorial Team की ओर से):
✅ गौशालाओं की ऑडिट कराई जाए – पिछले 3 वर्षों में दिए गए सरकारी फंड का हिसाब सार्वजनिक किया जाए।
✅ ग्राम प्रधान, सचिव और गौशाला समिति के बयान दर्ज हों — क्यों हुई यह लापरवाही?
✅ स्वतंत्र जांच कमेटी का गठन – जिसमें पशु चिकित्सक, सामाजिक प्रतिनिधि और पत्रकार भी हों।
✅ सभी पंचायत गौशालाओं की स्थिति की ज़मीनी समीक्षा
✅ सभी शिकायतों की ऑनलाइन ट्रैकिंग सुविधा शुरू हो — ताकि आम नागरिक भी निगरानी कर सकें।
🤐 अगर कार्यवाही नहीं हुई तो यह होगा—
हिंदू आस्था के नाम पर विश्वासघात
गौमाताओं के नाम पर भ्रष्टाचार की छूट
जनहित में पत्रकारिता को दबाने की कोशिश
संवैधानिक कर्तव्यों की घोर अवहेलना
📣 AIRA News Network का संकल्प:
हम फिर पूछेंगे, बार-बार पूछेंगे –
“गौमाता की दुर्दशा पर कौन जिम्मेदार?”
“गौशालाओं की ऑडिट कब होगी?”
“फंड कहाँ गया?”
जब तक जवाब नहीं मिलेगा —
हम सवाल पूछते रहेंगे।
🗣️ “खबर वही, जो हो सही” — AIRA News Network






