गोरखपुर: मुख्य अभियंता का शिथिल पर्यवेक्षण! बिजली विभाग में ‘चोरों की मौज’, क्या सिर्फ FIR कराकर इतिश्री कर लेगा विभाग?

गोरखपुर 09 मार्च :जनपद के बिजली महकमे में इन दिनों “अंधेर नगरी चौपट राजा” वाली स्थिति बनी हुई है। एक तरफ विभाग आगामी गर्मी में निर्बाध आपूर्ति के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य अभियंता के शिथिल पर्यवेक्षण के चलते विभाग की संपत्ति भगवान भरोसे है। बेखौफ चोर निर्माणाधीन लाइनों से किलोमीटर के हिसाब से तार और चालू टेललेस फ्यूज यूनिट
से कीमती कॉपर के पुर्जे उखाड़ ले जा रहे हैं, लेकिन उच्चाधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए हैं।
3 किमी तार और टेललेस फ्यूज यूनिट से पुर्जे गायब: कहाँ था क्षेत्रीय स्टाफ?
ताजा मामलों ने विभाग की पोल खोलकर रख दी है। मुंडेरा बाजार उपकेंद्र के अंतर्गत निर्माणाधीन 33 KV लाइन से 3 किलोमीटर लंबा तार (डॉग कंडक्टर) चोरी हो जाना कोई मामूली घटना नहीं है।
सवाल यह उठता है कि जब इतनी बड़ी मात्रा में तार चोरी हो रहे थे, तो क्षेत्रीय अवर अभियंता और उपखंड अधिकारी क्या कर रहे थे?
वहीं तिवारीपुर के डोमखाना में 400 KVA के ट्रांसफार्मर को खोलकर उसके पुर्जे निकाल लिए गए।
क्या विभागीय गश्त सिर्फ कागजों पर हो रही है?
सिर्फ FIR से नहीं चलेगा काम, जवाबदेही तय हो!
विभागीय गलियारों में चर्चा है कि मुख्य अभियंता कार्यालय केवल पत्राचार और FIR दर्ज कराने तक सीमित रह गया है।
बड़ा सवाल:
क्या FIR दर्ज कराकर उच्चाधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेंगे?
कार्यवाही कब?:
क्या उन लापरवाह JE और SDO पर कोई गाज गिरेगी जिनकी नाक के नीचे सरकारी संपत्ति लुट रही है?
निर्माणाधीन लाइनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी?
अगर 20 पोल से तार गायब हो गए और स्टाफ को खबर तक नहीं लगी, तो यह सीधे तौर पर ड्यूटी में लापरवाही और शिथिलता का प्रमाण है।
जनता में आक्रोश: गर्मी में बढ़ेगी मुसीबत
एक ओर जनता बिजली कटौती से परेशान है, दूसरी ओर चोरी की इन घटनाओं से भविष्य में संकट और गहराने वाला है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर मुख्य अभियंता महोदय ने समय रहते कड़ा रुख नहीं अपनाया और लापरवाह अधिकारियों पर दंडात्मक कार्यवाही नहीं की, तो स्थिति और भी बदतर हो जाएगी।
अब देखना यह है कि विभाग केवल थानों के चक्कर लगाता रहेगा या अपने ‘लापरवाह’ कुनबे को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा।


















