करनाल कलस्टर में शामिल सभी यूएलबी डोर टू डोर कूड़ा उठान, परिवहन और उसके निस्तारण पर रखें निगरानी, कार्य में खामी मिलने पर एजेंसी पर लगाएं जुर्माना- अभिषेक मीणा, निगमायुक्त।

सुमरीन योगी
करनाल
करनाल कलस्टर में शामिल सभी यूएलबी डोर टू डोर कूड़ा उठान, परिवहन और उसके निस्तारण पर रखें निगरानी, कार्य में खामी मिलने पर एजेंसी पर लगाएं जुर्माना- अभिषेक मीणा, निगमायुक्त।
सुगम स्वच्छता एजेंसी प्रतिनिधियों को निर्देश- नगर पालिकाओं से रोजाना कूड़ा उठान करें सुनिश्चित, कूड़ा निस्तारण कार्य में लाएं तेजी।
ठोस अपशिष्टï प्रबंधन संयंत्र का किया निरीक्षण, एम.आर.एफ. सेंटर, ट्रोमल मशीनो और लिचेट ट्रीटमेंट टैंक की देखी कारगुजारी, सैंटीफिक लैंड फिल साईट भी देखी।
करनाल 29 अगस्त, करनाल कलस्टर में शामिल, करनाल, थानेसर और कैथल के पालिका क्षेत्रों में डोर टू डोर कूड़ा उठान, परिवहन और उसका निस्तारण, सेकेण्डरी पाँयट, ट्रांसफर स्टेशन, लिगेसी वेस्ट की मात्रा तथा ताजा एकत्रित ठोस कचरे की प्रोसेसिंग जैसे एजेंडा बिन्दूओं को लेकर मंगलवार को कलस्टर हैड और करनाल नगर निगम आयुक्त अभिषेक मीणा ने मीटिंग कर इनके अधिकारियों के साथ चर्चा की। मीटिंग में इन जिलों के जिला नगर आयुक्त, कार्यकारी अधिकारी, पालिका सचिव, स्वतंत्र विशेषज्ञ और सुगम स्वच्छता एजेंसी के प्रतिनिधि शामिल रहे। निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने निर्देश दिए कि करनाल नगर निगम, कैथल और थानेसर के नगर परिषद और तीनो जिलों की नगर पालिकाएं इस कलस्टर में शामिल हैं। सभी अपने-अपने पालिका क्षेत्रों में प्रत्येक घर से कूड़ा उठान, परिवहन और उसके निस्तारण पर पूर्ण निगरानी रखें। जी.पी.एस. प्रणाली से वाहनों की ट्रैकिंग करें तथा स्वयं भी फील्ड में जाएं। उन्होंने कहा कि सभी निकायों को अपने स्तर पर पैनल्टी लगाने की पावर है। एजेंसी की कहीं कमी मिले तो उस पर पैनल्टी लगाएं, सफाई कार्यों में लापरवाही नहीं रहनी चाहिए।
करनाल कलस्टर में यह यूएलबी हैं शामिल- बता दें कि करनाल कलस्टर में नगर निगम करनाल, नगर परिषद कैथल व थानेसर के अतिरिक्त इन्द्री नगर पालिका, नीलोखेड़ी, निसिंग, तरावड़ी, घरौंडा, असंध, शाहबाद, लाडवा, कलायत, राजौंद, चीका, पुंडरी, पिहोवा, ईस्माइलाबाद तथा सीवन नगर पालिका शामिल हैं।
निगमायुक्त ने मीटिंग में निर्देश दिए कि जिन पालिकाओं ने अपने लिगेसी वेस्ट की एसेसमेंट नहीं करवाई, उसे जल्दी करवाकर भेजें, ताकि उसका केस तैयार कर निस्तारण करने की राय जानने के लिए सरकार को भेजा जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि करनाल कलस्टर में कूड़े-कचरे का एकत्रीकरण, परिवहन और निस्तारण करने वाली एजेंसी सुगम स्वच्छता को जो मशीनरी हैंडओवर की गई हैं, उसका मूल्यांकन करवाएं। इसके अलावा जो जमीन लीज पर दी गई हैं, उसका भी मूल्यांकन करवा लें। इसे लेकर नगर निगम करनाल में आई.आई.टी. रूडक़ी से आए स्वतंत्र विशेषज्ञ मौजूद हैं, एसेसमेंट के कार्य के लिए इनकी मदद ली जा सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पालिका सचिव व कार्यकारी अधिकारी, एग्रीमेंट व सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल अवश्य पढ़ें।
निगमायुक्त ने मीटिंग में मौजूद एजेंसी प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि मानसून सीजन खत्म हो चुका है, कूड़ा निस्तारण कार्य में तेजी लाई जाए। इसके लिए ट्रोमल मशीने ज्यादा समय तक चलाई जाएं। उन्होंने करनाल कलस्टर की प्रत्येक पालिका के लिए कार्य योजना तैयार कर उसे सब्मिट करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक नगर पालिका से रोजाना कचरा उठान सुनिश्चित होना चाहिए, इस कार्य में बिल्कुल कौताही न भरती जाए।
निकाय अधिकारी निगरानी तंत्र करें मजबूत- करनाल नगर निगम आयुक्त ने उक्त जिलों के निकाय अधिकारियों से कहा कि निकाय या पालिका क्षेत्रों से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े-कचरे की कॉलैक्शन, ट्रांसपोर्टेशन और प्रोसेसिंग इत्यादि कार्यों की नियमित रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें। इसके अलावा सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कूड़े-कचरे के एकत्रीकरण से लेकर निस्तारण करने तक की मॉनिटरिंग करने के लिए रैंडमली फील्ड विजिट करते रहें। सफाई निरीक्षकों व दरौगाओं को फील्ड में रखें। कहीं कोई कमी नजर आए, तो एजेंसी पर जुर्माना लगाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सुगम स्वच्छता एजेंसी की ओर से कूड़ा ढोने वाले वाहनों की चैकिंग के लिए जो ट्रैकिंग सिस्टम बनाया गया है, उसकी चैकिंग करते रहें। सभी यूएलबी अपना निगरानी तंत्र मजबूत करें। सभी जगहों पर डोर टू डोर कॉलैक्शन बेहतर होना चाहिए और उसका ट्रांसपोर्टेशन भी रोजाना सुनिश्चित हो, अधिकारी और एजेंसी इसका ध्यान रखें।
कूड़े-कचरे के पृथ्थीकरण के लिए करें जागरूक, न मानने पर करें चालान- उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कचरे का पृथ्थीकरण एक अहम कार्य है, इसके लिए सभी हाऊस होल्ड को जागरूक करते रहें। मोटीवेटर टीम को फील्ड में उतारें, जो घर-घर जाकर लोगों को समझाएंगे और अपनी उपस्थिति में सैग्रीगेशन करवाएं। उन्होंने कहा कि जो नागरिक बार-बार समझाने पर भी गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग नहीं करतें, उसका चालान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुगम स्वच्छता एजेंसी की ओर से इस कलस्टर में साफ-सफाई को लेकर जो लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, उसकी चैकलिस्ट बनाएं। उस पर कितना काम हुआ है, इसकी जानकारी लें।
सेकेण्डरी पाँयट रखें कम से कम- निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने पालिका क्षेत्रों में कूड़ा एकत्र करने के सेकेण्डरी पाँयट की संख्या कम से कम रखें, ताकि साफ-सफाई बनी रहे। गलियों की सफाई का कचरा इन्हीं पाँयट्स पर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेकेण्डरी पाँयट की सूची तैयार कर सुगम स्वच्छता एजेंसी को सौंपे, ताकि वहां से कचरा उठान हो सके। उन्होंने कहा कि अच्छा रहेगा कि करनाल नगर निगम की तरह रेहडिय़ों पर बोरे रखे जाने की व्यवस्था करें, ताकि कूड़ा-कचरा सडक़ पर ना गिराकर सीधे बड़े वाहन में ट्रांसफर किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निकाय अपने-अपने क्षेत्र में मौजूद बल्क वेस्ट जेनरेटर्स से उनके परिसर में ही गीले कचरे की प्रोसेसिंग करवाना सुनिश्चित करें। यदि वह ऐसा नहीं करते, तो उनके चालान किए जाएं। उन्होंने कहा कि राष्टï्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों की पालना हर-हाल में सुनिश्चित की जाए।
ठोस अपशिष्टï प्रबंधन संयंत्र का किया निरीक्षण- मीटिंग के पश्चात निगमायुक्त ने अधिकारियों के साथ शेखपुरा स्थित ठोस अपशिष्टï प्रबंधन संयंत्र का निरीक्षण किया। सबसे पहले उन्होंने प्लांट में स्थापित मेटिरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर को देखा। उसके पश्चात 4 एम.एम., 16, 35 व 100 एम.एम. की ट्रोमल मशीनो की कारगुजारी देखी। इसके पश्चात उन्होंने प्लांट में स्थापित लिचेट ट्रीटमेंट टैंक और सैंटीफिक लैंड फिल साईट का निरीक्षण कर उसकी जानकारी ली। उन्होंने एजेंसी प्रतिनिधियों के हवाले से बताया कि कचरे की प्रोसेसिंग में तेजी लाने के लिए प्लांट परिसर में एक अतिरिक्त 100 एम.एम. ट्रोमल मशीन स्थापित की जा रही है, जो अगले माह से अपना कार्य प्रारम्भ कर देगी। इसके अतिरिक्त प्लांट में जिस जगह कूड़ा डम्प किया जाता है, उसे कवर करने का प्लान बनाया जा रहा है, ताकि बारिश के दिनो में भी प्लांट निरंतर चलता रहे। उन्होंने बताया कि एजेंसी की ओर से 6 हुक लोडर मंगवाए गए हैं, ताकि कूड़ा उठान कार्य में तेजी लाई जा सके। इसके अलावा 32 बड़े बिन भी ऑडर किए गए हैं, प्रत्येक पालिका में 2-2 बिन रखवाए जाएंगे।
मीटिंग में कुरूक्षेत्र के जिला नगर आयुक्त पंकज सेतिया, कैथल के जिला नगर आयुक्त कुलधीर सिंह, नगर निगम करनाल के उप निगम आयुक्त विनोद नेहरा, नगर परिषद थानेसर के कार्यकारी अधिकारी देवेन्द्र नरवाल, नगर परिषद कैथल के कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेन्द्र चोपड़ा, सहायक अभियंता संदीप राठी तथा स्वतंत्र विशेषज्ञ मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन:- नगर निगम आयुक्त अभिषेक मीणा कलस्टर के निकाय अधिकारियों के साथ एजेंडा बिन्दूओं पर चर्चा करते हुए।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक मीणा कलस्टर के निकाय अधिकारियों के साथ ठोस अपशिष्टï प्रबंधन संयंत्र का निरीक्षण करते हुए।


















