एनआरसी पर इलाज में लापरवाही पाये जाने पर सम्बन्धित सीडीपीओ के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी-डीएम – एस राजलिंगम

कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में आने के पश्चात् 6 माह तक उनकी नियमित निगरानी रखी जाय- जिलाधिकारी
पोषण पुनर्वास केंद्रों पर क्षमता के अनुसार बच्चों का इलाज सुनिश्चित करें बेड खाली न रहें- डीएम
जिलाधिकारी एस राजलिंगम की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में बच्चों के वजन एवं लंबाई मापन की समीक्षा, पोषण स्तर में सुधार , पुष्टाहार वितरण , समुदाय आधारित गतिविधियां , संभव अभियान की प्रगति , पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों को भर्ती करने की स्थिति तथा आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण की समीक्षा की गई । माह अगस्त में 99.73 की तुलना में माह सितम्बर में 99.86 प्रतिशत बच्चों का वजन किया गया और पोषण ट्रैकर पर अपलोड किया गया जिस पर जिलाधिकारी द्वारा संतोष व्यक्त किया गया किंतु शत प्रतिशत बच्चों का वजन करने और पोषण ट्रैक्टर पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए ।
समुदाय आधारित गतिविधियां जैसे गोद भराई और अन्नप्राशन की फीडिंग पोषण ट्रैकर पर 80%की गई है जबकि लक्ष्य 100% का है । समीक्षा में पाया गया की सबसे खराब स्थिति चिराई गांव की 57% हरहुआ की 60% और आराजी लाइन की 65% है जिस पर बाल विकास परियोजना अधिकारी को कड़ी चेतावनी दी गई यदि अगले माह कार्य में सुधार नहीं हुआ तो कडी कार्यवाही की जायेगी ।
पोषण पुनर्वास केंद्र में 20 बेड के सापेक्ष माह सितम्बर में मात्र 10 बच्चे भर्ती होने पर गहरी नाराजगी व्यक्ति की गई और चेतावनी दी गई कि माह अक्टूबर में यदि पूरे बेड नहीं भरे गए तो संबंधित सीडीपीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की जाएगी ।
जनपद में SAM और MAM श्रेणी के बच्चों की समीक्षा में पाया गया की सैम कैटेगरी में राज्य औसत 7.3 प्रतिशत के सापेक्ष जनपद में 0.7% बच्चे हैं जबकि मैम कैटेगरी में 10% के सापेक्ष 2.99 प्रतिशत बच्चे है । जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कम से कम 20% केन्द्रों पर प्रति माह आंकड़ों का स्थलीय परीक्षण जरूर कर लिया जाए जिससे किसी प्रकार के संदेह की गुंजाइश न रहे। साथ ही सैम श्रेणी से सामान्य श्रेणी में आए हुए बच्चों के स्वास्थ्य पर अगले 6 महीने तक निगरानी रखी जाए जिससे बच्चा पुनः कुपोषण के गिरफ्त में ना आवे ।
जनपद में निर्मित हो रहे 22 नए आंगनबाड़ी केदो में एक केंद्र पर कार्य न शुरू होने के संबंध में उपायुक्त मनरेगा को निर्देश दिया गया कि एक सप्ताह में प्रत्येक दशा में कार्य शुरू करावे और जिन पर कार्य शुरू हो गया है उन भवनों को एक माह में पूर्ण करायें ।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल , उपायुक्त मनरेगा , जिला कार्यक्रम अधिकारी , जिला पंचायत राज अधिकारी , बेसिक शिक्षा अधिकारी , जिला पूर्ति अधिकारी , एवं समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे ।


















