इस्लाम में रमज़ान व ज़कात की अहमियत और इसलाहे मआसरा” के उनुमान से एक जलसे का किया आयोजन

आईरा न्यूज़ नेटवर्क शेरकोट बिजनौर
शेरकोट। नगर के मोहल्ला तराई स्थित मस्जिद में हम वेलफेयर सोसाइटी द्वारा “इस्लाम में रमज़ान व ज़कात की अहमियत और इसलाहे मआसरा” के उनुमान से एक जलसे का आयोजन कराया गया। जलसे में उलेमा ने रमज़ान की फजीलत बयान की और समाज में बढ़ रही बुराइयों पर अफसोस जाहिर करते हुए अल्लाह को राज़ी करने के लिए सच और हक़ के रास्ते पर चलने पर जोर दिया।
बीती रात बाद नमाजे ईशा जलसे को ख़िताब करते हुए मेहमाने खुसूसी मुफ़्ती रियाज़ुद्दीन उस्ताद फिक़ा मदरसा इशाअत उलूम मानियावाला ने कहा कि रमजानुल मुबारक अल्लाह का खास महीना है ,इसमें हर नेक अमल का सवाब बढ़ा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि रोज़ा अल्लाह के लिए है, जिसका सवाब खुद अल्लाहताला रोज़ेदार को देगें और रोज़ेदार को खास दरवाजे से जन्नत में ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रमज़न रहमतों, बरकतों और मगफिरत का महीना है, इसमें रोज़े रखने व तराबीह पढ़ने के साथ ज्यादा से ज्यादा कुरान की तिलावत करनी चाहिए। मुफ़्ती रियाज़ुद्दीन ने ज़कात सही तरह से अदा कर गरीबों को भी खुशियों में शामिल करने और पूरे साल रमज़ान की तरह जिंदगी गुजारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें शादियों में फिजूलखर्ची, डी.जे.बजाने और नाच गाने आदि कुराफात से बचना चाहिए। उन्होंने औरतों में बढ़ती बेपर्दगी और बेहयाई को भी समाज में बढ़ रही बुराइयों की एक बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि किसी से अच्छा बनने के लिए गलत काम ना करें और सच और हक़ का साथ दें। अपने से दूसरे को तकलीफ ना पहुंचे इस बात का खास ख्याल रखें। उन्होंने कहा कि मोबाइल टेक्नोलॉजी का एक नमूना है ,इसका सही काम में इस्तेमाल करे और वाहियात काम से परहेज करें। उन्होंने कहा कि मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले लोग मैसेज को आगे भेजने से पहले उसकी सच्चाई की जानकारी जरूर करें। मुफ्ती साहब ने कहा कि नौजवान तेज स्पीड में बाइक दौड़ाने, वन व्हीलिंग, ट्रिपलिंग और स्टंट बाज़ी से बचें, उन्होंने मुसलमानों से अल्लाह और रसूल को नापसंद बातों से बचने और रमज़ानुल मे ज्यादा से ज्यादा नेक अमल कर अल्लाह को राज़ी करने का आह्वान किया।इस मौके पर मुफ़्ती रियाज़ुद्दीन ने रमज़ान, ज़कात आदि से संबंधित सवालो के जवाब भी दिये।


















