मुस्तफाबाद की गौ कथा में गूंजा राष्ट्र सर्वोपरि का संदेश,मोहम्मद फैज़ खान का ओजस्वी उद्बोधन

गावो विश्वस्य मातर के साथ गौ माता के वैज्ञानिक महत्व पर जोर,श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ ||
सभी पंथ और मजहब से बड़ा है राष्ट्र – मोहम्मद फैज़ खान ||
गौ कथा के दूसरे दिन राष्ट्रभक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम,फैज़ खान ने रखा विचार ||
मुस्तफाबाद में गौ कथा आस्था के साथ विज्ञान और राष्ट्रभावना का संदेश ||
राष्ट्र पहले,पंथ बाद में गौ कथा में मोहम्मद फैज़ खान का प्रेरक संबोधन ||
वाराणसी :- मुस्तफाबाद,चिरईगांव में आयोजित भव्य गौ कथा के द्वितीय दिवस कार्यक्रम में प्रख्यात वक्ता मोहम्मद फैज़ खान ने राष्ट्र सर्वोपरि की भावना पर जोर देते हुए कहा कि “सभी पंथ और मजहब से बड़ा राष्ट्र होता है उन्होंने वैदिक वाक्य “गावो विश्वस्य मातर” का उल्लेख करते हुए गौ माता के महत्व को विस्तार से समझाया | गौ माता के वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए वक्ता मोहम्मद फैज़ खान ने बताया कि गाय केवल आस्था का प्रतीक नहीं,बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है | इसका गोबर उत्कृष्ट जैविक खाद के रूप में मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है और बायोगैस के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करता है जबकि दूध पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है | अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति करुणा,सहअस्तित्व और जीवन के संरक्षण की संस्कृति है हमारी संस्कृति गौमूत्र पीने की है,खून पीने की नहीं उन्होंने बताया कि मानव शरीर पंचतत्व भूमि, अग्नि,वायु,जल और आकाश से निर्मित है और इन तत्वों के संतुलन के लिए पंचगव्य का विशेष महत्व है |
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वर्गीय रूपेश पांडे की स्मृतियों को साझा करते हुए उन्हें परम राष्ट्रभक्त बताया और उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया | गौ कथा के द्वितीय दिवस में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे | आयोजन स्थल पर भक्ति,राष्ट्रभावना और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला |
आयोजन में प्रमुख रूप से सुधीर सिंह पप्पू,अभिषेक सिंह,शशि भूषण सिंह, विश्वजीत सिंह, लोकपति सिंह,उदय प्रताप सिंह पिंटू,वरुण सिंह,कृष्णकांत पाठक,डॉ.कुंदन सिंह,रितेश श्रीवास्तव, नागेश उपाध्याय,विनय कुमार सिंह आदि लोग उपस्थित रहे | संंचालन डा.संजय सिंह गौतम एवं धन्यवाद ज्ञापन जितेंद्र सिंह जित्तू ने किया ||


















