भीषण सर्दी में गरीबों को राहत देने आगे आया प्रशासन, आधा सैकड़ा जरूरतमंदों को बांटे गए कंबल

सरकार की मंशा के अनुरूप लेखपालों ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी, गरीबों ने “बाबा की सरकार” और प्रशासन को दिया आशीर्वाद
शमशाबाद फर्रुखाबाद।जिले में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। ऐसे हालात में सबसे अधिक परेशानी गरीब, मजदूर, किसान, रिक्शा चालक, फुटपाथ पर जीवन यापन करने वाले और बेसहारा लोगों को उठानी पड़ रही है। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के चलते ये लोग सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं कर पाते। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर शमशाबाद नगर में क्षेत्रीय लेखपालों द्वारा जरूरतमंद गरीबों को कंबल वितरित किए गए।
जानकारी के अनुसार सर्दी का मौसम अपने पूरे शबाब पर है। दिन-प्रतिदिन तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। रात के समय सर्द हवाओं और कोहरे के कारण हालात और भी कठिन हो जाते हैं। खासकर गरीब मजदूर और किसान वर्ग, जो दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है, सर्दी से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय करता नजर आ रहा है। बावजूद इसके अधिकांश गरीब आर्थिक समस्याओं के मकड़जाल में फंसे हुए हैं और ठंड से बचाव के पर्याप्त साधन जुटा पाने में असमर्थ हैं।
प्रदेश सरकार की स्पष्ट मंशा है कि कोई भी गरीब, मजदूर या असहाय व्यक्ति सर्दी के कारण परेशान न हो। इसी उद्देश्य को लेकर सरकार द्वारा समय-समय पर कंबल वितरण, अलाव जलाने और रैन बसेरों की व्यवस्था जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार की इसी जनकल्याणकारी सोच को धरातल पर उतारते हुए शमशाबाद क्षेत्र में लेखपालों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
शमशाबाद नगर में स्टेट बैंक के निकट आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान लगभग आधा सैकड़ा जरूरतमंद गरीबों को कंबल वितरित किए गए। कंबल पाकर गरीबों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूरों ने कहा कि ठंड के इस मौसम में कंबल मिलना उनके लिए किसी राहत से कम नहीं है। कुछ लोगों ने भावुक होकर कहा कि रात की ठंड में यही कंबल उनके लिए जीवन रक्षक साबित होगा।
कंबल वितरण के दौरान माहौल पूरी तरह मानवीय और भावनात्मक नजर आया। कंबल पाने वाले अधिकांश गरीबों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार, जिसे वे प्रेमपूर्वक “बाबा की सरकार” कह रहे थे, की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों के दुख-दर्द को समझ रही है और संकट के समय उनके साथ खड़ी है। लोगों का कहना था कि पहले ऐसी ठंड में कोई पूछने वाला नहीं होता था, लेकिन अब सरकार की ओर से समय पर मदद मिल रही है।
इसके साथ ही जरूरतमंदों ने क्षेत्रीय लेखपालों की भी खुले दिल से सराहना की। उन्होंने लेखपालों को दुआओं से नवाजते हुए कहा कि ऐसे नेक और जनसेवा के कार्य करने वाले अधिकारी समाज के लिए प्रेरणा हैं। कई बुजुर्गों ने हाथ उठाकर लेखपालों को आशीर्वाद दिया और कहा कि भगवान उन्हें तरक्की दे।
क्षेत्रीय लेखपाल रजत श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन की ओर से उन्हें कुल 45 कंबल प्राप्त हुए थे। इन सभी कंबलों को शमशाबाद नगर में चिन्हित किए गए वास्तविक जरूरतमंद गरीबों के बीच वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि कंबल वितरण के दौरान पूरी पारदर्शिता बरती गई और इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि कंबल सही हाथों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि सर्दी में कोई भी गरीब असहाय न रहे और इसी उद्देश्य के तहत यह वितरण किया गया है।
लेखपाल रजत श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि यदि आगे प्रशासन द्वारा और कंबल उपलब्ध कराए जाते हैं, तो उन्हें भी इसी तरह जरूरतमंदों में वितरित किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई असहाय या बेहद गरीब व्यक्ति नजर आए, तो उसकी जानकारी प्रशासन को दें, ताकि समय रहते उसकी मदद की जा सके।
इस मौके पर क्षेत्रीय लेखपाल सनोज कुमार, रमाकांत के अलावा नगर के कई संभ्रांत नागरिक भी मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की और कहा कि सर्दी के मौसम में इस तरह के राहत कार्य समाज के कमजोर वर्ग के लिए संजीवनी साबित होते हैं। संभ्रांत नागरिकों ने भी आगे बढ़कर सहयोग करने की बात कही और जरूरतमंदों की सहायता के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शमशाबाद क्षेत्र में ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कंबल वितरण जैसे कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे कार्यक्रम आगे भी लगातार चलाए जाएं, ताकि कोई भी गरीब सर्दी के कारण बीमार न पड़े या अपनी जान जोखिम में न डाले।
कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन की सजगता भी देखने को मिली। वितरण स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। जरूरतमंदों को क्रमवार तरीके से कंबल दिए गए।
भीषण सर्दी के इस दौर में शमशाबाद में किया गया कंबल वितरण कार्यक्रम न केवल गरीबों के लिए राहत लेकर आया, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश भी दे गया। जरूरतमंदों की आंखों में संतोष और चेहरे पर मुस्कान इस बात का प्रमाण थी कि सरकार और प्रशासन की यह पहल उनके लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि यदि सरकारी योजनाएं और जनकल्याणकारी कार्यक्रम इसी तरह ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ जमीन पर उतारे जाएं, तो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक भी राहत पहुंचाई जा सकती है। शमशाबाद में कंबल वितरण का यह प्रयास निश्चय ही अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया है।





