बड़े बेइज्जत हैं वे जो जिम्मेदारी छोड़ ठेले, अतिक्रमण और हुक्का बार के बल पर दाल रोटी तोड़ते हैं…

कानून व्यवस्था को किनारे रख कर, सड़कों पर कमाई का जरिया ढूंढते हैं…
लखनऊ
राजधानी लखनऊ में थाना गोमती नगर क्षेत्र स्थित विराम खंड चौकी की पुलिस विवेचना निस्तारण और कानून व्यवस्था को किनारे रखकर ठेले, सड़क के अतिक्रमण और रेस्टोरेंट/हुक्का बार के जरिए अपनी व्यवस्था में व्यस्त हैं। बहुत ही हैरत की बात है कि पुलिस को जिम्मेदारी दी गई है क्षेत्र एवं पीड़ितों की समस्या और शिकायतों के निस्तारण करने के लिए, पर राजन केसरी जैसे पुलिसकर्मी ढूंढते हैं, व्यवस्था सड़कों पर। क्या इन्हीं सबके लिए वर्दी पहनी है?
यहां तक अपनी शान समझते हैं या मक्खनबाजी कर अपने उच्च अधिकारियों को संतुष्ट करते हैं। इत्तेफाक से अभी तक उच्च अधिकारी विराम खंड चौकी की पुलिस खासतौर पर उप निरीक्षक राजन केसरी पर रियायत बरते हुए हैं। पर विवेचना निस्तारण और पीड़ितों की शिकायतों पर राजन केसरी जैसे पुलिसकर्मी की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती, तो जल्द ही उच्च अधिकारी भी संज्ञान लेंगे। तब क्या ठेले, अतिक्रमण और रेस्टोरेंट/हुक्का बार साथ जाएंगे…?




























