
पटना, 27 मार्च 2026: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 30 मार्च, 2026 को बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता छोड़ेंगे। यह कदम हाल ही में उन्हें राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद उठाना आवश्यक है, क्योंकि संवैधानिक रूप से एक ही समय में किसी व्यक्ति द्वारा विधान परिषद और राज्यसभा की सदस्यता नहीं रखी जा सकती।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि MLC सदस्यता छोड़ने के बाद नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की अटकलें और तेज हो जाएंगी। माना जा रहा है कि उनके इस्तीफे के बाद बिहार में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और नए गठबंधन या नेतृत्व पर चर्चा जोर पकड़ सकती है।
नीतीश कुमार की इस संवैधानिक कार्रवाई से राज्य की सियासत में हलचल बढ़ने की संभावना है। विपक्ष और समर्थक दलों में पहले से ही राजनीतिक रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है। अब यह देखना होगा कि इस्तीफे के बाद सरकार और विधानसभा में सत्ता संतुलन पर क्या असर पड़ेगा।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यसभा सदस्यता ग्रहण करने के बाद नीतीश कुमार का केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर राजनीतिक भूमिका में बदलाव आ सकता है।
इस प्रकार, 30 मार्च के बाद बिहार की सियासत में नई गतिविधियों और समीकरणों की संभावनाएं खुलकर सामने आएंगी।


















