दावों के बाद भी ग्राम धामपुर हुसैनपुर उर्फ पुराने धामपुर की नई बस्ती में पानी की प्यास, दूषित पानी से जूझ रहे ग्रामीण
दावों के बाद भी ग्राम धामपुर हुसैनपुर उर्फ पुराने धामपुर की नई बस्ती में पानी की प्यास, दूषित पानी से जूझ रहे ग्रामीण
धामपुर।
सरकारी दावों और मरम्मत के आश्वासनों के बावजूद ग्राम पंचायत धामपुर हुसैनपुर उर्फ पुराना धामपुर की नई बस्ती में पेयजल संकट जस का तस बना हुआ है। ओवरहेड टैंक से आने वाली जलापूर्ति पाइपलाइन कई स्थानों पर अब भी क्षतिग्रस्त पाई गई, जिसके चलते न तो नियमित जलापूर्ति हो पा रही है और न ही पानी की गुणवत्ता पर भरोसा किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जलापूर्ति शुरू होते ही टूटी पाइपलाइन से पानी सड़कों पर बहने लगता है। कई घरों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता, जबकि जहां पहुंचता है वहां पानी मटमैला और दुर्गंधयुक्त होता है। मजबूरी में ग्रामीण उसी दूषित पानी का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
नई बस्ती की महिलाओं का कहना है कि घंटों इंतजार के बाद भी नल सूखे रहते हैं। कई परिवारों को दूर-दराज के हैंडपंपों या निजी साधनों से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर ग्राम प्रधान और पंचायत स्तर पर कई बार शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही दिए गए।
ग्राम प्रधान पति कफील अहमद ने पाइपलाइन फटने की समस्या को ठीक कराए जाने का दावा किया था, लेकिन मौके पर स्थिति कुछ और ही नजर आई। टूटी हुई लाइनें, खुले जोड़ और लगातार बहता पानी इस बात की गवाही दे रहे हैं कि मरम्मत या तो अधूरी है या फिर पूरी तरह गुणवत्ता विहीन।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दूषित पानी से जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका लगातार बनी हुई है, बावजूद इसके अब तक न तो पानी की गुणवत्ता की जांच कराई गई है और न ही वैकल्पिक स्वच्छ पेयजल की कोई ठोस व्यवस्था की गई है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो तथा क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को पूरी तरह बदलकर नई बस्ती में स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
जब तक दावे कागज़ों तक सीमित रहेंगे और पानी सड़कों पर बहता रहेगा, तब तक ग्राम धामपुर हुसैनपुर की नई बस्ती की प्यास यूं ही बनी रहेगी।
— आईरा न्यूज़ नेटवर्क |





