“जनम माँगा था…मौत दे बैठे ग्राम विकास अधिकारी ! सरकारी सिस्टम का कमाल”
“जनम माँगा था… मौत दे बैठे बाबूजी! सरकारी सिस्टम का कमाल”
नजीबाबाद – बिजनौर जनपद में सरकारी बाबुओं ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि हमारा सिस्टम भगवान से भी दो कदम आगे है।
जहाँ भगवान ज़िंदगी और मौत का फैसला करता है, वहीं सरकार अब सीधे सर्टिफिकेट से लोगों को जिंदा या मुर्दा घोषित करने लगी है।
मामला नजीबाबाद विकासखंड के तातारपुर लालू गाँव का है। जहाँ ग्राम विकास अधिकारी ने जन्म प्रमाण पत्र की जगह उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भेज दिया, जी हाँ यहां के निवास ग्रामीण ने मासूमियत से सोचा कि चलो जन्म प्रमाण पत्र बनवा लें। लेकिन सिस्टम ने कहा – “भाई, जन्म का झंझट बहुत हो चुका, सीधा मौत का ही बना देते हैं।”
जैसे ही घरवालों को मृत्यु प्रमाण पत्र मिला, घर का माहौल शोकसभा में बदल गया।
पड़ोसी बोले – “अरे! अभी तो सुबह ही चाय पिलाकर गए थे, इतने फुर्ती से स्वर्ग सिधार भी आए?”
परिवारजन घबराए, रिश्तेदार रोने की तैयारी करने लगे और पीड़ित खुद सोचने लगा– “लगता है मैं जिन्दा होते हुए भी सरकारी काग़ज़ों में भूत बन चुका हूँ।”
गाँव में चर्चा है कि अब लोग लंबी लाइन और घूसख़ोरी से बचने के लिए जन्म प्रमाण पत्र की बजाय सीधे मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाएँगे – “मरना ही है तो पहले से रिज़र्वेशन करवा लो।”
सवाल यह है कि जब जीवित व्यक्ति की मौत सरकार घोषित कर सकती है, तो फिर किसी दिन मुर्दों को जिंदा भी कर दे तो आश्चर्य मत करना।






