कस्बों के बीच खुले अंग्रेजी शराब ठेकों से बढ़ी चिंता, छात्राओं व महिलाओं ने जताई असुरक्षा

सराय अकील/कौशाम्बी। जनपद कौशाम्बी के सराय अकील नगर पंचायत क्षेत्र में कस्बे के बीच संचालित अंग्रेजी शराब के ठेकों को लेकर स्थानीय लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। खासकर करन चौराहा, हनुमान मंदिर, पटेल चौराहा और फकीराबाद समेत कस्बे के प्रमुख स्थानों पर खुले ठेकों के कारण महिलाओं व स्कूली छात्र-छात्राओं को आवागमन में असुरक्षा महसूस हो रही है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ठेकों के आसपास शराब के नशे में लोग आए दिन हुड़दंग मचाते हैं, जिससे बाजार और आवासीय क्षेत्रों का माहौल प्रभावित हो रहा है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, वहीं घरों में रहने वाली महिलाओं को भी असुरक्षा की भावना बनी रहती है।
क्या कहती है शराब ठेकों की गाइडलाइन?
राज्य सरकार की आबकारी नीति के अनुसार—
शराब की दुकानें विद्यालय, धार्मिक स्थल एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों से निर्धारित दूरी पर होनी चाहिए।
दुकान के बाहर शराब पीना व सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग करना दंडनीय अपराध है।
ठेका संचालक की जिम्मेदारी है कि दुकान परिसर में शांति व्यवस्था बनी रहे।
नाबालिगों को शराब बेचना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन गाइडलाइनों का कड़ाई से पालन कराया जाए तो स्थिति में सुधार संभव है।
नशे के दुष्परिणाम
विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक शराब सेवन से—
स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव (लीवर रोग, उच्च रक्तचाप, मानसिक तनाव)
घरेलू हिंसा व पारिवारिक कलह
सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि
आर्थिक संकट और सामाजिक विघटन
जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। बच्चों के मानसिक विकास और शिक्षा पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है।
समाधान और जागरूकता की जरूरत
प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण व गश्त बढ़ाई जाए।
ठेकों के आसपास सीसीटीवी कैमरे व पुलिस पिकेट की व्यवस्था हो।
विद्यालयों और मोहल्लों में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
अभिभावक व समाजसेवी संस्थाएं मिलकर नशे के खिलाफ मुहिम चलाएं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि आबकारी नियमों की समीक्षा कर कस्बे के भीतर संचालित ठेकों को आबादी से दूर स्थानांतरित किया जाए, ताकि महिलाओं और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
























