AIRA NEWS NETWORK – मुज़फ्फरनगर एसएसपी अभिषेक यादव ने आमजन को अपराधियों से मुक्ति दिलाने के लिए दिन रात एक किया जिसका परिणाम यह हैं कि आज मुज़फ्फरनगर अपराध मुक्त नजर आ रहा है।कप्तान अभिषेक यादव के कुशल मार्ग दर्शन में व पुलिस अधीक्षक नगर अर्पित विजयवर्गीय के नेतृत्व में थाना नई मंडी पुलिस टीम हर बार कुछ अलग ही अंदाज में बेहतर कारनामो को अंजाम देती हुई नजर आ रही हैं।
थाना नई मंडी प्रभारी पंकज पंत व उनकी टीम के द्वारा पूर्व में भी कई ऐसे शातिर गिरोह की कमर तोड़ चुके हैं और एक बार फिर अपनी लाजवाब कार्यप्रणाली का लोहा मनवाते हुए एक ऐसे गिरोह की कमर तोड़ कर रख दी हैं। थानाप्रभारी नई मंडी पंकज पंत अपनी लंबी सर्विस में बहुत उतार चढ़ाव और परिवर्तन देखे हैं लेकिन अपनी हिम्मत हौसले और ताकत के साथ साथ बुद्धिमत्ता के आधार पर काम करते हुए अपनी अदम्य एवं बेहतरीन शैली का परिचय भी दिया है । इन्होंने कर्तव्य एवं अपने फर्ज को निभाते हुए बखुबी ड्यूटी को अंजाम दिया है इनका पूरा कैरियर उपलब्धियों एवं अच्छे कार्य से भरा पड़ा है।
आज प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक नगर अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि थाना नई मंडी प्रभारी पंकज पंत व उनकी टीम के उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह, उप निरीक्षक मुकेश कुमार, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, हेड कांस्टेबल हरवेंद्र,हेड कांस्टेबल सोविन्दर, कॉस्टेबल मनेंद्र सिसोदिया, कॉन्स्टेबल सचिन कुमार, कांस्टेबल मोहित कुमार, कोस्टेबल अजीत बघेल, कॉन्स्टेबल दीपक कुमार, कॉन्स्टेबल कुलदीप कुमार ने एक ऐसे गिरोह का पर्दा फास करते हुए उनके कब्जे से फर्जी लोन कराकर निकाली गयी 04 लक्जरी गाडियां जिनकी कीमत लगभग 70 लाख रुपये के करीब बताई जा रही है इस गिरोह से बरामद कर चार शातिर अभियुक्त को भी गिरफ्तार किया हैं।
यह शातिर गिरोह घटना करने का अलग ही तरीका अपनाता था, यह गैंग फर्जी आधार कार्ड पैन कार्ड व फर्जी फोटो बनाकर बैंक मे कागज जमा कर लोन पास कराकर नई गाडी कम्पनी से खरीद लेते है। यह लोग अब तक करीब 15 गाडियो का फर्जी फाईनेंन्स करा चुका है। एक गाडी को खरीदने के लिये गाडी की कीमत का 20 प्रतिशत बैंक मे जमा कराते है जिसमे फर्जी पता होने के कारण बैंक उसे ट्रेश नही कर पाता है। इस गैंग मे एक फाईनेन्सर होता है और दो तीन लोग फर्जी कागज तैयार करते है तथा फर्जी फोटो देते है । इस गैंग की बैंक कर्मियो से मिलीभगत होती है। यह लोग खरीदी हुई गाडी को गाडी खरीदने बैचने का काम करने वाली डीलरों को पूरे रेट मे बेच देते है। इस गैंग मे गाडी बेचने पर आये हुए रुपयों को अपना एक हिस्सा होता है और आपस मे पैसे बेचने के बाद बांट लेते है।
पुलिस की माने तो वादी संदीप कुमार पुत्र स्व0 श्री ब्रजपाल सिंह एडवोकेट द्वारा थाना नई मण्डी अपने आधार कार्ड व पेन कार्ड के कुटरचित दस्तावेज बनाकर फर्जी तरीके से 1,19,556 रुपये का क्रेडिट कार्ड एवं 17,50,243 रुपये का आटो लोन कराया गया। आटो लोन पर एक टाटा हेरियर (chasis no-MZBEU813LLN085485/EN. NO-D4FALM977087) को निकाला गया है। उपरोक्त सम्बन्ध में थाना नई मण्डी पर CN-601/21 US-420,467,468,471 IPC पंजीकृत कर टीम का गठन कर अभियुक्तगण की तलाश की गयी।लेकिन थाना नई मंडी पुलिस ने उपरोक्त गैंग का पर्दाफाश करते हुए 04 शातिर अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गये अभियुक्तों के नाम अंकुश त्यागी पुत्र श्री मुकेश त्यागी निवासी 1028/8 रामपुरी थाना कोतवालीनगर मु0नगर व आलोक त्यागी पुत्र बिजेन्द्र त्यागी निवासी एकता बिहार रुडकी रोड थाना कोतवालीनगर मु0नगर व संदीप कुमार पुत्र जयभगवान निवासी गली नं0-22 गाधी कालोनी थाना नई मंडी मु0नगर व सुधीर कुमार पुत्र रामपाल सिह निवासी म0न0-17 घ गाधीनगर थाना नई मंडी मु0नगर बताये जा रहें हैं।जिनके पास से पुलिस ने एक गाडी KIA SELTOS नम्बर UK07DS4871 व HUNDAI VENUE बिना नम्बर जिसका चैसिंस नम्बर-MALFC81DLLM138651 व गाडी टाटा हेरियर जिसका चैसिंस संख्या MZBEU813LLN085485 तथा इंजन नं0 D4FALM977087 व क्रेटा रंग सफेद न0 UP12BC6856 व 1700/- रुपये भी बरामद किए हैं।
पुलिस की माने तो बरामद गाडियां लगभग 5-6 महीने पहले कम्पनी से निकाली गयी है जिनकी कीमत लगभग 70 लाख रुपये है। इस सराहनीय भरे कार्ये को अंजाम देने वाली नई मंडी पुलिस टीम की उच्च अधिकारियों ने हौसला अफजाई कर पीठ भी थपथपाई है।
राजेश सिंघल की रिपोर्ट


















