करनाल – शहर की सुंदरता और ट्रैफिक कंजैशन को खत्म करने के लिए प्रशासन के प्रयासों से नगर निगम के पुराने कार्यालय स्थल पर मौजूदा दुकानदारों के लिए नई दुकाने बनाने का प्रोजेक्ट सिरे चढऩे की उम्मीद में आ गया है। खास बात यह है कि इसमें मौजूदा दुकानों पर बैठे दुकानदारों में से किसी को, किसी तरह का नुकसान नहीं होगा, बल्कि उन्हें उतनी ही साईज की नई और सुंदर दुकानें मिलेगी, दुकानो के आगे अच्छा-खासा स्पेस भी मिलेगा तथा नई लुक से बिजनेस बढऩा भी स्वभाविक होगा।
सोमवार को उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कमेटी चौक मार्किट के मौजिज दुकानदारों के साथ इस प्रोजेक्ट और इसकी खूबियों को लेकर लघु सचिवालय के सभागार में मीटिंग की, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी और दुकानदार दोनो ओर से सकारात्मक वार्तालाप हुई। मीटिंग में नगर निगम आयुक्त डॉ. मनोज कुमार, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला व समाजसेवी बृज गुप्ता भी शामिल हुए।
नई मार्किट की बताई खूबियां- मीटिंग में उपायुक्त ने स्क्रीन पर इस जगह विकसित की जाने वाली नई मार्किट का ले-आउट प्लान दिखाया और उसमें क्या खूबियां हैं, बताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा 121 की संख्या अनुसार अंदर और बाहर दो तरह की इतनी ही दुकाने होंगी, बीच में रास्ता होगा। ग्राहकों के बैठने के लिए बैंच होंगे, ग्राहक दोनो तरफ जाएंगे, जिसके पास एक से ज्यादा दुकान हैं, उसेआगे-पीछे की दे देंगे। अभी मौजूदा किसी भी दुकान को नहीं छेडेंगे, जब मार्किट बन जाएगी, उसके बाद इसके चारों ओर के रास्ते को सुविधाजनक बनाएंगे।
स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से बनाई जाने वाली यह शहर की सबसे आधुनिक व खूबसुरत मार्किट होगी। उन्होंने स्पष्टï किया कि परिवर्तन को सकारात्मक ही लेना चाहिए, कई बार अच्छे के लिए होता है। सरकार तो पैसा लगा रही है और फायदा दुकानदारों को होगा। उन्होंने यह भी कहा कि दुकानदारों के सुझाव और सबकी सहमति से ही इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाएंगे।
मार्किट में पार्किंग की भी दी जानकारी- उपायुक्त ने बताया कि मार्किट के बीच में दो लेयर की पार्किंग बनाएंगे, इससे दुकानदार और ग्राहक दोनो को अपने वाहन पार्क करने में मदद मिलेगी। मीटिंग में मौजूद दुकानदारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार की पॉलिसी अनुसार जो दुकानदार 20 साल से ज्यादा बैठा है, वह ऑनरशिप ले सकता है, जितने साल पुराना दुकानदार होगा, उतना ही डिस्काउंट मिलेगा। लेकिन नगर निगम के रिकॉर्ड में जिसके नाम दुकान है, उसी को मिलेगी। जो किराए पर बैठा है, उसे हटाएंगे नहीं, 20 साल पूरे होने पर वह भी मलकियत ले सकता है।
मीटिंग में उपायुक्त ने दुकानदारों से कहा कि सभी दुकानदार मिलकर इस परिवर्तन पर गौर करें और अपनी सहमति बनाएं। अच्छे सुझाव होंगे, तो वह भी लिए जाएंगे, लेकिन इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने में मदद करें। यह सर्वथा शहर की भलाई के सिद्घ होगा और इसके सिरे चढऩे से जाम से मुक्ति मिलेगी।
सुमरिन योगी की रिपोर्ट


















