CM के आगमन से पहले पुलिस की शर्मनाक करतूत, महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की

वाराणसी धर्म नगरी काशी के दशाश्वमेध सर्किल (एसीपी क्षेत्र) में पुलिस प्रशासन का एक बेहद संवेदनहीन चेहरा सामने आया है। जहाँ एक तरफ प्रदेश की योगी सरकार ‘मिशन शक्ति’ और महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं बाबा विश्वनाथ की नगरी में पुलिस ने एक महिला पत्रकार और उनके सहयोगी के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की
पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय की है जब पूरा शहर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों में जुटा हुआ है। पीड़ित महिला पत्रकार और उनके साथी पत्रकार जब कवरेज के लिए क्षेत्र में मौजूद थे, तभी स्थानीय पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पीड़ित पत्रकार ने खुद अपनी आपबीती साझा करते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुख्य कारण
▪️ चौथे स्तंभ पर प्रहार: पत्रकारों के साथ हुई इस बदसलूकी ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है।
▪️ महिला सुरक्षा का दावा बनाम हकीकत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं, लेकिन उनके आगमन से पहले ही एक महिला पत्रकार सुरक्षित नहीं दिखीं।
▪️ आम जनता की सुरक्षा पर सवाल: चर्चा का विषय यह है कि यदि पुलिस पत्रकारों के साथ ऐसा व्यवहार कर सकती है, तो मंदिर परिसर में आने वाली आम जनता और दर्शनार्थियों के साथ उनका व्यवहार कैसा होता होगा?
पुलिस कमिश्नरेट की चुप्पी और बढ़ता आक्रोश
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की छवि धूमिल हो रही है। स्थानीय स्तर पर पुलिस कमिश्नर और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर जनता और पत्रकार जगत में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि इस दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कड़ी कार्रवाई की जाएगी?






