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किरतपुर में कलश यात्रा के दौरान करंट से युवक की मौत-मानवाधिकार आयोग ने दर्ज किया मामला-प्रियांशु राजपूत की मौत पर विद्युत विभाग की जवाबदेही पर उठे सवाल; डॉ. तारिक़ ज़की की शिकायत पर यूपी मानवाधिकार आयोग में केस नंबर 17605/24/17/2026 दर्ज

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किरतपुर में कलश यात्रा के दौरान करंट से युवक की मौत, मानवाधिकार आयोग ने दर्ज किया मामला-प्रियांशु राजपूत की मौत पर विद्युत विभाग की जवाबदेही पर उठे सवाल; डॉ. तारिक़ ज़की की शिकायत पर यूपी मानवाधिकार आयोग में केस नंबर 17605/24/17/2026 दर्ज

बिजनौर/किरतपुर, 12 अगस्त 2026।

जनपद बिजनौर के किरतपुर नगर में श्री शिव महापुराण कथा के अवसर पर निकाली गई कलश यात्रा के दौरान विद्युत करंट की चपेट में आने से युवक प्रियांशु राजपूत पुत्र त्रिभुवन की मृत्यु के मामले ने अब मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

11 अगस्त को प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार जैन चौराहे के पास सड़क के ऊपर से गुजर रहे विद्युत तार के बैंड से संपर्क में आने के बाद करंट फैल गया, जिसकी चपेट में प्रियांशु आ गया। घटना में अन्य श्रद्धालुओं के भी करंट से प्रभावित होने की बात सामने आई है।

घटना को गंभीर मानवाधिकार मामला मानते हुए डॉ. तारिक़ ज़की, राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी, World Accreditation of Human Rights (WAOHR-India) ने उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर ₹10 लाख प्रतिकर, स्वतंत्र तकनीकी जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित किए जाने की मांग की।

आयोग के उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार शिकायत को Diary No. 6449/IN/2026 प्रदान किया गया तथा बाद में इसे Case/File No. 17605/24/17/2026 के रूप में पंजीकृत किया गया। शिकायत की पंजीकरण तिथि 11 अगस्त 2026 है।

शिकायत में जिलाधिकारी बिजनौर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित विद्युत अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करने और घटना की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायत का सबसे गंभीर पहलू यह है कि इसमें उसी स्थान पर पूर्व में हुई कथित विद्युत दुर्घटना की भी जांच की मांग की गई है। शिकायत में उपलब्ध दैनिक जागरण की समाचार कटिंग के आधार पर 05 अगस्त 2025 को जैन मंदिर चौराहे पर 18 वर्षीय युवक अदनान की विद्युत करंट से मृत्यु का उल्लेख किया गया है।

डॉ. ज़की ने मांग की है कि यदि पूर्व दुर्घटना का तथ्य जांच में सत्य पाया जाता है तो यह भी निर्धारित किया जाए कि उसके बाद विद्युत विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए क्या कदम उठाए थे।

रिपोर्ट में संबंधित विद्युत अधिकारी द्वारा घटना का कारण उपभोक्ता की केबल टूटना बताया गया है।

मानवाधिकार शिकायत में मांग की गई है कि स्वतंत्र तकनीकी जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित केबल किसकी थी, उसका विद्युत स्रोत क्या था, वह क्यों टूटी, क्या वह निर्धारित मानकों के अनुरूप थी तथा क्या विभाग को उसकी स्थिति की पूर्व जानकारी थी।

शिकायत में मृतक प्रियांशु राजपूत के परिवार को ₹10,00,000 का प्रतिकर दिए जाने तथा घटना में प्रभावित अन्य व्यक्तियों को भी उनकी क्षति के अनुसार उचित राहत प्रदान करने की मांग की गई है।

इसके अलावा दोषी पाए जाने वाले जेई, एसडीओ, अधिशासी अभियंता अथवा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय कर विभागीय एवं विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की गई है

डॉ. तारिक़ ज़की ने किरतपुर के प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों और शोभायात्रा मार्गों में विद्युत तारों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने तथा खतरनाक एवं झूलते तारों को तत्काल सुरक्षित कराने की भी मांग की है।

AIRA NEWS NETWORK की रिपोर्ट:
यह मामला केवल एक विद्युत दुर्घटना नहीं, बल्कि सार्वजनिक मार्गों पर विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक निगरानी और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। स्वतंत्र जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा महज तकनीकी खराबी का परिणाम था अथवा इसमें किसी स्तर पर लापरवाही भी जिम्मेदार थी।

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